Nasirabaad: आजादी के 75 साल बाद, नसीराबाद रेलवे स्टेशन का होगा कायापलट
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Nasirabaad: आजादी के 75 साल बाद, नसीराबाद रेलवे स्टेशन का होगा कायापलट

Nasirabaad, Ajmer News: अजमेर के नसीराबाद रेलवे स्टेशन का होगा कायापलट. जिससे यात्री राहत महसूस करेंगे. इससे पहले ब्रॉडगेज की यात्री गाड़ियों की ऊंचाई के अनुरूप प्लेटफार्म की ऊंचाई नहीं होने के कारण यात्रियों को उतरने चढने में परेशानियां उठानी पड़ रही थी और उतरना चढना जोखिम भरा साबित हो रहा था. 

Nasirabaad: आजादी के 75 साल बाद, नसीराबाद रेलवे स्टेशन का होगा कायापलट

Nasirabaad, Ajmer News: अजमेर के नसीराबाद रेलवे स्टेशन के कायापलट से आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद यात्री अब राहत महसूस करेंगे.  देश की ऐतिहासिक छावनी में शुमार भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नसीराबाद का रेलवे स्टेशन बीते कई दशक से अपनी दुर्दशा और असुविधाओं पर आंसू बहा रहा था, लेकिन अब इसकी कायापलट करके यात्रियों को राहत पहुंचाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है. इसके तहत यात्रियों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा और भविष्य में शहर के विस्तार को देखते हुए, रेलवे स्टेशन पर आवश्यक तब्दीली की कवायद शुरू कर दी गई है.

बता दें की नसीराबाद रेलवे स्टेशन पर तीन ट्रैक बने हुए हैं, जिसमें से एक ट्रैक पर प्लेटफार्म बनाया हुआ है, लेकिन इस प्लेटफार्म पर भी धूप बरसात आदि से बचाव के लिए पूरे प्लेटफार्म पर शेड निर्मित नहीं होने से यात्रियों को परेशानियां उठानी पड़ रही है. इतना ही नहीं बल्कि ब्रॉडगेज की यात्री गाड़ियों की ऊंचाई के अनुरूप प्लेटफार्म की ऊंचाई नहीं होने के कारण यात्रियों को उतरने चढने में परेशानियां उठानी पड़ रही थी और उतरना चढना जोखिम भरा साबित हो रहा था. 

रेल्वे स्टेशन के तीसरे ट्रैक पर कथित रूप से प्लेटफार्म नंबर दो कहलाता था, लेकिन सुविधा के नाम पर कटीली झाड़ियां तीखे पत्थर और कच्ची जमीन थी. इस पर प्लेटफार्म का निर्माण नहीं होने के कारण यात्रियों को उतरने चढ़ने में बेहद परेशानियां झेलनी पड़ रही थी. महिलाओं, वृद्ध व्यक्तियों, बच्चों, दिव्यांग, बीमार आदि के लिए यह प्लेटफार्म नंबर दो कोढ में खाज साबित हो रहा था.

नसीराबाद रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं की मांग को लेकर कई बार आवाज उठाई गई और पत्र दिए गए, लेकिन उनकी आवाज आश्वासन की फाइलों में दबकर रहती रही. भारत सरकार के रेलवे विभाग ने सैन्य छावनी की उपयोगिता और ट्रक ट्रांसपोर्ट नगरी होने के कारण देश के विभिन्न राज्यों में आवागमन की आवश्यकता को देखते हुए नसीराबाद रेलवे स्टेशन की काया पलटने का कार्य शुरू कर दिया गया है.

नसीराबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 का निर्माण ब्रॉड गेज ट्रेन की ऊंचाई के मापदंडों के अनुरूप शुरू कर दिया गया है. इतना ही नहीं बल्कि इस प्लेटफार्म पर शौचालय, बैठक व्यवस्था आदि का भी कार्य किया जा रहा है। लगभग दस मीटर चौडा प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नसीराबाद रेलवे स्टेशन का मुख्य प्लेटफार्म एवं बुकिंग आदि वर्तमान प्लेटफार्म के दूसरी तरफ निर्मित होगा. क्योंकि भविष्य में आवासन मंडल और सेना के विस्तार को देखते हुए प्लेटफार्म नंबर 2 की तरफ मुख्य रेलवे स्टेशन का आधुनिक तौर पर निर्माण कराने की कवायद की जा रही है. इसी के तहत वर्तमान प्लेटफार्म नंबर एक की भी ऊंचाई बढ़ाई जाएगी. जिससे ब्रॉडगेज यात्री ट्रेनों से यात्रियों को उतरने चढ़ने में असुविधा नहीं हो और सुरक्षित तौर पर उतर एवं चढ सकें.

नसीराबाद रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे फाटक पर ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज का कार्य जारी है. जिसका निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नसीराबाद से ब्यावर मार्ग स्थित आवासन मंडल, राजोसी, नांदला, बाघसुरी, भवानीखेड़ा एवं अन्य आवासीय कॉलोनी आदि में आने जाने वाले राहगीरों एवं वाहन चालकों को काफी राहत मिलेगी.

Reporter - Ashok Bhati

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