Cheetah Safari: खुशखबरी! खत्म हुआ इंतजार कूनों में होगा चीतों का दीदार, CM मोहन इस दिन करेंगे शुभारंभ
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Cheetah Safari: खुशखबरी! खत्म हुआ इंतजार कूनों में होगा चीतों का दीदार, CM मोहन इस दिन करेंगे शुभारंभ

Kuno National Park: चीता सफारी का इंतजार कर रहे देशभर के पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. प्रदेश में कूनो नेशनल पार्क में चीता सफारी 26 फरवरी को शुरू हो रही है.

Cheetah Safari: खुशखबरी! खत्म हुआ इंतजार कूनों में होगा चीतों का दीदार, CM मोहन इस दिन करेंगे शुभारंभ

Kuno National Park: चीता सफारी का इंतजार कर रहे देशभर के पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दरअसल कूनो नेशनल पार्क में पर्यटक 26 फरवरी यानी सोमवार से  चीता सफारी का लुत्फ ले सकेंगे. सीएम मोहन यादव सोमवार से इसका शुभारंभ करने वाले हैं.

जानकारी के मुताबिक चीता सफारी से सहरिया जनजाति की संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजना है. सहरिया जनजाति के युवकों को सफारी के लिए गाइड का प्रशिक्षण दिया गया है. सीएम यादव शुभारंभ के दिन
सीएम चिता मित्रों से संवाद भी करेंगे. इस दौरान चिता मित्रों को 300 साइकिल बांटी जाएंगी.

जानिए चीता प्रोजेक्ट के बारे में
गौरतलब है कि 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर नामीबिया से आठ चीतों को मध्यप्रदेश के श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ा था. इसके बाद दूसरे चरण में 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से लाए थे. पीएम मोदी ने ही तब अधिकारियों को इस बात का संकेत दिया था कि इस जनजाति को इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाए ताकि उन्हें आर्थिक लाभ भी हो सके. 

सफारी का दायरा बढ़ेगा
इसके अलावा नेशनल पार्क में चीता सफारी का दायरा भी बढ़ाया जाएगा. इसके लिए पार्क से लगी कूनो नदी को भी शामिल किया जाएगा.  इसमें 124.94 हेक्टेयर वन भूमि और 56.23 हेक्टेयर राजस्व भूमि शामिल की जा रही है. 

कूनो में बनेगी देश की पहली चीता सफारी
बता दें कि कूनो नेशनल पार्क विंध्याचल पर्वत के उत्तरी किनारे पर स्थित है. इसका नाम चंबल नदीं की एक सहायक नदी के नाम पर रखा गया है. वहीं अब कूनों नेशनल पार्क में देश की पहली चीता सफारी बनने भी जा रही है.

देश में 70 साल बाद आएं चीते
गौरतलब है कि भारत में चीते विलुप्त हो चुके थे. अफ्रीका से चीतों को वापस देश में बसाने के लिए सबसे उपयुक्त कूनो पालपुर नेशनल पार्क को चुना गया है. 70 साल बाद चीतों की फिर से वापसी हुई है. भारत में आखिरी बार 1950 में चीता छत्तीसगढ़ राज्य में देखा गया था. इसके बाद ये देश में कहीं नजर नहीं आए.

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