तीन दिन और बढ़ी पटवारियों की हड़ताल, तहसीलों में कामों को लेकर भटक रहें लोग
Advertisement
trendingNow0/india/delhi-ncr-haryana/delhiharyana2049478

तीन दिन और बढ़ी पटवारियों की हड़ताल, तहसीलों में कामों को लेकर भटक रहें लोग

पटवारियों की हड़ताल तीन दिन और बढ़ने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं. लोग अपने कामों को लेकर चक्कर काट रहे हैं. पटवारी और कानूनगो के पास 75 से ज्यादा सेवाएं होती है, जिस पर उनके हस्ताक्षर चलते हैं. वह सेवाएं बंद होने से खासकर ग्रामीण लोगों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है.

 

तीन दिन और बढ़ी पटवारियों की हड़ताल, तहसीलों में कामों को लेकर भटक रहें लोग

Charkhi Dadri:  दि रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर पटवारियों ने अपनी हड़ताल को बढाने के बाद जहां रेवेन्यू से संबंधित कामकाज ठप्प पड़ा है. वहीं लोग अपने कामों को लेकर चक्कर काट रहे हैं. पटवारी और कानूनगो के पास 75 से ज्यादा सेवाएं होती है, जिस पर उनके हस्ताक्षर चलते हैं. वह सेवाएं बंद होने से खासकर ग्रामीण लोगों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है. वहीं पटवारियों ने हड़ताल के दौरान धरना देते हुए रोष प्रदर्शन किया साथ ही सरकार द्वारा मांगे नहीं मानने पर हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने का अल्टीमेटम भी दिया.

दादरी के लघु सचिवालय में एसोसिएशन के जिला प्रधान कुलबीर सांगवान व उपप्रधान पवन फोगाट की अगुवाई में हड़ताल के दौरान धरना देते हुए रोष प्रदर्शन किया. कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार जनवरी 2016 से 32100 रुपए वेतनमान लागू किया जाए. प्रदेश में पटवारियों के रिक्त पड़े पदों को स्थाई भर्ती से भरा जाए. पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाए, जब तक नई भर्तियां नहीं होती तब तक जिस पटवारी को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है. उसे अन्य राज्यों की तर्ज पर वेतन व भत्ते दिए जाएं. मांग पूरी नहीं होने पर हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दी जायेगी.

ये भी पढ़ें: Sports News: टी20 वर्ल्ड में यह भारतीय खिलाड़ी होना चाहिए टीम इंडिया का कप्तान, गांगुली ने बताया नाम

वहीं अपने कार्य करवाने पहुंचे ग्रामीण संजय कुमार व अशोक ने संयुक्त रूप से बताया कि पटवारियों की हड़ताल का खामियाजा उनको भुगतना पड़ रहा है. कड़कड़ाती ठंड में वे अपने दस्तावेजों पर पटवारियों के हस्ताक्षर करवाने के लिए भटक रहे हैं. ऐसे में सरकार को या तो दूसरे कर्मचारियों की ड्यूटियां लगानी चाहिए या फिर पटवारियों के हस्ताक्षरों को बंद कर नई प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए. ऐसे तो उनको खासी परेशानियां होंगी.
Input: Pushpendar kumar 

Trending news