Asur 2 Kalki Story: असुर-2 तो देख लिया पर क्या जानते हैं कल्कि की कहानी, जिसपर मचा है घमासान
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Asur 2 Kalki Story: असुर-2 तो देख लिया पर क्या जानते हैं कल्कि की कहानी, जिसपर मचा है घमासान

Asur 2 Kalki Story:  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब कलियुग यानी कलयुग में पाप, अत्याचार, अन्याय अपने चरम पर होगा तो भगवान विष्णु कल्कि अवतार लेंगे.

Asur 2 Kalki Story: असुर-2 तो देख लिया पर क्या जानते हैं कल्कि की कहानी, जिसपर मचा है घमासान

Asur 2 Kalki Story: असुर वेब सीरीज का दूसरा पार्ट असुर-2 जियो सिनेमा पर आ चुका है. इसके पहले सीजन को वूट पर रिलीज किया गया था, लेकिन वॉयकॉम 18 का विलय जियो सिनेमा के साथ होने के बाद इसे जियो सिनेमा पर रिलीज कर दिया गया है. पिछले सीजन के जैसे ही इस सीजन को भी दर्शकों का काफी प्यार मिल रहा है. इस वेब सीरीज में कल्कि की बात की गई है. असुर देखने वाले दर्शकों के दिल और दिमाग में यही घूमता है कि आखिर क्या है ये कल्कि की कहानी जिसपर वेब सीरीज में इतना बवाल मचा हुआ है.

क्या है कल्कि अवतार 
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब कलियुग यानी कलयुग में पाप, अत्याचार, अन्याय अपने चरम पर होगा तो भगवान विष्णु कल्कि अवतार लेंगे. भगवान का यह अवतार निष्कलंक भगवान के नाम से भी जाना जाएगा.  शास्त्रों के अनुसार जब दुनिया में चारों ओर पाप बढ़ जाएगा और शासकों के अन्याय के आगे लोगों को मौत बेहतर लगने लगेगी, तब दुनिया के पाप मिटाने के लिए भगवान कल्कि अवतार लेंगे और पापों का नाश करेंगे.  

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सतयुग का रखेंगे नींव
श्रीमद्भागवत पुराण और भविष्यपुराण में कलियुग के अंत का जिक्र मिलता है. इसके अनुसार भगवान कल्कि का अवतार होगा, जो पापियों को मारकर एक बार फिर से सतयुग की स्थापना करेंगे. श्रीमद्भागवतमहापुराण में कल्कि अवतार को जग का तारणहार बताया गया है. इसके अनुसार सम्भल नाम के नगरी में विष्णुयश नामक श्रेष्ठ ब्राह्मण के पुत्र के रूप में भगवान कल्कि का जन्म होगा. वो देवदत्त नाम के घोड़े पर सवार होकर अपना करवाल (तलवार) लेकर निकलेंगे और पापियों का नाश कर सतयुग का नींव रखेंगे.  

विष्णु बनेंगे गुरू
कल्कि पुराण के अनुसार भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि के गुरू होंगे. वो उन्हें युद्ध की शिक्षा देंगे. इसके साथ ही भगवान विष्णु कल्कि को भगवान शिव की तपस्या कर दिव्यास्त्र प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे. कल्कि पुराण के अनुसार वो जीवों के दुख से कातर होकर महादेव की उपासना करेंगे और अस्त्रविद्या लेंगे. 

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