Bihar: लोकसभा से महिला आरक्षण बिल पास होने पर सुशील मोदी ने जताई खुशी, कांग्रेस और लालू यादव पर साधा निशाना
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Bihar: लोकसभा से महिला आरक्षण बिल पास होने पर सुशील मोदी ने जताई खुशी, कांग्रेस और लालू यादव पर साधा निशाना

बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि कांग्रेस आज भी राजद, सपा जैसे दलों के साथ हैं, जिन्होंने महिला आरक्षण बिल को रोकने के लिए तरह-तरह की नौटंकी की. 

सुशील कुमार मोदी

Bihar Politics: महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) बुधवार (20 सितंबर) को लोकसभा में लंबी चर्चा के बाद पास हो गया. वोटिंग परची के जरिए की गई. वोटिंग के दौरान बिल के समर्थन में 454 और विरोध में 2 वोट पड़े. लोकसभा से बिल के पास होने पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व सीएम सुशील कुमार मोदी ने खुशी जताई. उन्होंने इस मौके पर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस पर पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा. बीजेपी नेता ने कहा कि लालू प्रसाद की ब्लैकमेलिंग के आगे घुटने टेकने के कारण कांग्रेस पार्टी सत्ता में 10 साल रहने के बाद भी महिला आरक्षण बिल पारित नहीं करा पाई थी. 

सुशील मोदी ने कहा कि कांग्रेस आज भी राजद, सपा जैसे दलों के साथ है, जिन्होंने महिला आरक्षण बिल को रोकने के लिए तरह-तरह की नौटंकी की. सुशील मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नारी शक्ति वंदन विधेयक (आरक्षण बिल) लोकसभा में पेश करने का साहस दिखाया, तब वही पुराने कुतर्क दोहराना दुर्भाग्यपूर्ण है.

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बीजेपी के राज्यसभा सांसद ने आगे कहा कि महिला आरक्षण विधेयक लाने से पहले पीएम मोदी "बेटी बचाओ, बेटी पढाओ" कन्या समृद्धि योजना, उज्ज्वला मुफ्त गैस कनेक्शन योजना जैसे कार्यक्रम लागू कर आधी आबादी के प्रति अपना आदर प्रकट करते रहे हैं. सुशील मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार की पहल से 50 करोड़ से ज्यादा जो जन-धन खाते खुले, उनमें 60 फीसद पिछड़े-अतिपिछड़े और दलित समुदाय की गरीब महिलाओं के खाते हैं. सरकार ने अभी रसोई गैस सिलेंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी देने का निर्णय कर महिलाओं को रक्षाबंधन का उपहार दिया.

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बीजेपी नेता ने कहा कि दूसरी तरफ महिला आरक्षण विरोधी लालू प्रसाद हैं, जिनके 15 साल के शासन में महिलाओं पर अत्याचार बढ़े और बिना कोई आरक्षण दिये 2003 में पंचायत चुनाव करा लिये गए थे. उस समय एकल पदों पर एससी-एसटी को भी आरक्षण नहीं दिया गया था. उन्होंने कहा कि जब 2005 में भाजपा की साझेदारी वाली एनडीए सरकार बनी, तभी बिहार के पंचायत चुनाव में पिछड़े-अतिपिछड़े वर्ग के साथ महिलाओं को भी आरक्षण मिला.

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