Bihar Hooch Tragedy: SC ने बिहार जहरीली शराब त्रासदी के लिए SIT की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
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Bihar Hooch Tragedy: SC ने बिहार जहरीली शराब त्रासदी के लिए SIT की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

Bihar Hooch Tragedy:मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ (Dhananjaya Y. Chandrachud) की पीठ ने कहा था कि बिहार के छपरा में स्वतंत्र और एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका पर नौ जनवरी को सुनवाई होगी. बिहार में बीते साल दिसंबर में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हो गई थी.

Bihar Hooch Tragedy: SC ने बिहार जहरीली शराब त्रासदी के लिए SIT की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

पटनाः Bihar Hooch Tragedy: बिहार में दिसंबर 2022 में हुई जहरीली शराब से हुई मौत के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. पिछले हफ्ते मंगलवार को इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नौ जनवरी की डेट दी थी. बिहार के छपरा में हुई जहरीली शराब से मौत के मामले में स्वतंत्र और  SIT जांच की मांग के लिए याचिका दायर की गई थी. इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार जहरीली शराब त्रासदी के लिए SIT की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था.

दिसंबर में हुआ था जहरीली शराब कांड
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ (Dhananjaya Y. Chandrachud) की पीठ ने कहा था कि बिहार के छपरा में स्वतंत्र और एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका पर नौ जनवरी को सुनवाई होगी. बिहार में बीते साल दिसंबर में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले ने जमकर तूल पकड़ा और विपक्ष ने बिहार सरकार को निशाना बनाया था. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई के लिए पहुंचा तो कोर्ट ने 9 जनवरी के लिए तारीख दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस सुनवाई से इनकार ही कर दिया. 

कोर्ट ने दी थी 9 जनवरी की तारीख
बिहार में जहरीली शराब के कारण दिसंबर में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. मामले में एसआईटी जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. याचिका में अवैध शराब के निर्माण, व्यापार और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए एक स्वतंत्र जांच और कार्य योजना तैयार करने की मांग की गई थी. पीआईएल में पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग भी की गई थी. तब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तुरंत सुनवाई से इनकार किया था. कोर्ट का कहना था कि केस मेंशनिंग लिस्ट में नहीं है. इस पर तुरंत सुनवाई नहीं की जा सकती है. ये जनहित याचिका प्रॉपर तरीके से दायर करनी होगी. अब 9 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर SIT की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है.

 

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