नौंवी में नामांकन के लिए 15 जुलाई तक चलेगा 'प्रवेशोत्सव' अभियान
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नौंवी में नामांकन के लिए 15 जुलाई तक चलेगा 'प्रवेशोत्सव' अभियान

Praveshotsav campaign: बिहार में 8 वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों के लिए बिहार सरकार ने एक अभियान 'प्रवेशोत्सव' की शुरूआत की है. ये अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई तक जलाया जा रहा है. अभियान के तहत कक्षा 9 वीं में बच्चों के नामांकन प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.

नौंवी में नामांकन के लिए 15 जुलाई तक चलेगा 'प्रवेशोत्सव' अभियान

पटना:Praveshotsav campaign: बिहार में 8 वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों के लिए बिहार सरकार ने एक अभियान 'प्रवेशोत्सव' की शुरूआत की है. ये अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई तक जलाया जा रहा है. अभियान के तहत कक्षा 9 वीं में बच्चों के नामांकन प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. इस अभियान में विभाग ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के साथ ही डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को भी निगरानी की जिम्मेदारी दी है. 

मिशन मोड में चलाया जाएगा अभियान 
शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 1 जुलाई को प्रवेशोत्सव अभियान की शुरुआत की थी. दरअसल बिहार में शिक्षा विभाग के बजट में साल 2005 के बाद से ही लगातार बढ़ोतरी होती गई. इन सबके बावजूद क्लास नौ में छात्रों के ड्रॉपआउट के मामलों में कमी नहीं आई. पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार के मुताबिक, 15 जुलाई तक ये अभियान चलाया जाएगा और कोशिश होगी क्लास 9 में दाखिले से एक बच्चे भी न छूटे. अमित कुमार बताते हैं कि राज्य ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में मिशन मोड में ये अभियान चलाया जाएगा. 

क्या है 'प्रवेशोत्सव' 

बिहार में नीतीश कुमार ने जब सत्ता संभाली थी. तब प्राथमिक स्कूलों यानि क्लास एक से लेकर क्लास आठ तक की पढ़ाई पूरी करते-करते 12 फीसदी विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ देते थे. यानि 88 फीसदी छात्र-छात्रा ही प्राथमिक शिक्षा पढ़ाई पूरी कर सकते थे. उसके बाद शिक्षा विभाग ने हर शैक्षणिक सत्र में प्रवेशोत्सव अभियान चलाया जिसकी वजह से अब प्राथमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट सिर्फ 1 फीसदी रह गया. वहीं माध्यमिक शिक्षा में(9 वीं के बाद) ड्रॉपआउट तकरीबन 17 फीसदी है. लिहाजा शिक्षा विभाग ने अब माध्यमिक विद्यालयों यानि क्लास नौ से लेकर क्लास दस तक में नामांकन प्रतिशत को शून्य पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. इसी कड़ी में प्रवेशोत्सव अभियान की शुरुआत हुई है. 

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15 जुलाई के बाद स्थिति में सुधार
बिहार के सभी जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट यानि डीएम को इसकी जिम्मेदारी दी गई है. अभी माध्यमिक विद्यालयों में 18 फीसदी छात्रा दाखिला नहीं ले पाती हैं यानि क्लास आठ की पढ़ाई पूरी करने के बाद माध्यमिक विद्यालयों में 82 फीसदी छात्राएं ही आगे की पढ़ाई के लिए दाखिला लेती हैं. इसी तरह क्लास आठ तक की पढ़ाई के बाद क्लास नौ में छात्रों का ड्रापआउ 16 फीसदी रहता है. इस बात की जानकारी शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने दी है. हालांकि उन्होंने 15 जुलाई के बाद स्थिति में सुधार का दावा किया है.

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