PM उम्मीदवारी से पीछे हटने पर RJD नेता ने नीतीश को कहा 'हिजड़ा' ; महागठबंधन में उबाल
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PM उम्मीदवारी से पीछे हटने पर RJD नेता ने नीतीश को कहा 'हिजड़ा' ; महागठबंधन में उबाल

RJD leader called Nitish eunuch after withdrawing from PM candidature turmoil in Mahgathbandhan: भाजपा छोड़ कर महागठबंधन में आने पर राजद को उम्मीद थी कि नीतीश पीएम पद के लिए फाइट करेंगे और तेजस्वी को बिहार का सीएम पद सौंप देंगे, लेकिन ऐसा होता नहीं देख राजद नीतीश कुमार पर हमलावर हो रहा है.

राजद विधायक सुधाकर और नीतीश कुमार

पटनाः पांच माह पहले भाजपा का साथ छोड़कर राजद महागठबंध के साथ मिलकर सरकार बनाने वाले जदयू के नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन का हिस्सा बना रहना फिर मुश्किल हो सकता है. ऐसी हालत उनके एक बयान के बाद बन रही है, जिसमें शनिवार को उन्होंने कहा था कि वह आने वाले 2024 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री के उम्मरीदवार नहीं हैं, और राहुल गांधी के इस उम्मीदवारी पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं होगा. नीतीश के इस बयान के बाद से ही राजद के नेताओं ने उन्हें निशाने पर लेना शुरू कर दिया और यहां तक कि राजद के एक पूर्व मंत्री ने उन्हें 'हिजड़ा तक’ कह दिया है. 
भाजपा का साथ छोड़ने के बाद नीतीश कुमार कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार माने जाते रहे हैं, लेकिन नीतीश के इस बयान के पहले ही कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बताने लगे हैं. 

नीतीश के बयान से राजद का टूटा सपना 
गौरतलब है कि नीतीश कुमार के महागठबंधन में आते ही राजद के नेता और जदयू नेता भी उन्हें पीएम मटेरियल बताते रहे हैं. राजद नेताओं को उम्मीद थी कि नीतीश कुमार बिहार में सीएम का पद छोड़कर इसे तेजस्वी यादव को सौंप देंगे और वह खुद केंद्र की राजनीति करेंगे और प्रधानमंत्री के तौर पर देश की राजनीति में सक्रिय होंगे. लेकिन नीतीश के खुद के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नहीं होने के बयान के बाद राजद खेमे में खलबली मच गई है और राजद नेताओं का सपना टूट गया है. राजद अब नीतीश पर निशाना साध रहा है, जिससे राजद और जदयू गंठबंधन में दरार पैदा होता दिख रहा है. 

राजद के पूर्व मंत्री ने कहा तेजस्वी के लिए सत्ता छोड़ें नीतीश 
राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर ने बीते इतवार को पत्रकारों से बातचीत में नीतीश कुमार की तुलना ‘‘शिखंडी’’ (महाभारत के एक किन्नर चरित्र) से करते हुए कहा, ‘‘एक बार नीतीश कुमार के ओहदे से हटने पर उन्हें कोई याद नहीं रखेगा. नीतीश ने राज्य के लिए कुछ भी बड़ा नहीं किया है. आगे उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत श्री कृष्ण सिन्हा और कर्पूरी ठाकुर जैसे लोग हैं, जिन्हें बिहार के लोग राज्य बनाने में उनके योगदान के लिए हमेशा याद रखेंगे. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को भी लोग याद रखेंगे क्योंकि उन्होंने बिहार के लिए बहुत कुछ किया है, लेकिन नीतीश कुमार का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज नहीं होगा. इसके अलावा राजद विधायक सुधाकर ने कहा कि नीतीश कुमार को फौरन अपना पद छोड़कर उन्हें तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद की पेशकश करनी चाहिए. हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि सुधाकर ने नीतीश कुमार पर विवादित बयान दिया है. इससे पहले भी अक्टूबर, 2022 की शुरुआत में अपने विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर टिप्पणी करने के बाद सुधाकर सिंह को राज्य के कृषि मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

जदयू नेता ने कहा, लालू से लड़ने वाले बिहार के अकेले मर्द हैं नीतीश 
वहीं, नीतीश के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करने पर जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने राजद के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से अपने विधायक को कोबू में करने की नसीहत दी है. कुशवाहा ने उन्हें लालू प्रसाद-राबड़ी देवी सरकारों के दौर को याद करने के लिए भी कहा है. कुशवाहा ने कहा है कि सुधाकर सिंह 'शिखंडी’ शब्द का इस्तेमाल उस शख्स के लिए कर रहा है जिसने मर्दानगी दिखाते हुए बिहार को खौफनाक स्थिति से बाहर निकाला है, वह भी ऐसे वक्त में जब कोई भी लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के खिलाफ कुछ भी बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा था. कुशवाहा ने कहा, “जनता के आशीर्वाद से नीतीश कुमार ने सबसे ज्यादा बार बिहार का मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया है और इतने बड़े नेता का कोई अपमान कर रहा है तो यह बिहार की जनता का अपमान है.’’

राजद ने अपने विधायक के बयान की आलोचना की 
हालांकि सुधाकर सिंह की इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के खिलाफ राजद के विधायक सुधाकर का बयान घोर निंदनीय है. ऐसा बयान महागठबंधन की एकता के लिए अत्यंत घातक है.’’ तिवारी ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि सुधाकर ने जान-बूझकर गठबंधन को तोड़ने के मकसद से इस तरह का बयान दिया है. सुधाकर इसके पहले भाजपा के उम्मीदवार रूप में अपने क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं. भाजपा नेतृत्व के साथ भी इनका घनिष्ट संबंध रहा है. जब सुधाकर भभुआ जेल में बंद थे तो सुशील मोदी उनसे मिलने के लिए गए थे.’’

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