Karnataka News: फटे-पुराने कपड़े पहने हुए किसान को बेंगलुरु मेट्रो से उतारा, तो हो गया ये कांड
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Karnataka News: फटे-पुराने कपड़े पहने हुए किसान को बेंगलुरु मेट्रो से उतारा, तो हो गया ये कांड

Karnataka News: कर्नाटक के बेंगलुरु मेट्रो से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां मेट्रो कर्मचारियों ने एक किसान को मेट्रो में चढ़ने से रोका है. मामला सामने आने पर लोगों में काफी गुस्सा है. 

Karnataka News: फटे-पुराने कपड़े पहने हुए किसान को बेंगलुरु मेट्रो से उतारा, तो हो गया ये कांड

Karnataka News: बेंगलुरु मेट्रो से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां बीएमआरसीएल कर्मचारियों ने एक किसान को ट्रेन में चढ़ने रोक दिया, वजह सिर्फ इतनी थी कि किसान फटे कपड़ों में था. उनकी यह हरकत कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद सिक्योरिटी सुपरवाइजर को बर्खास्त कर दिया है.

मेट्रो रेल में चढ़ने की कोशिश कर रहा किसान फटे-पुराने कपड़े पहने हुए था और उसके सर पर एक थैला रखा हुआ था. बीएमआरसीएल के एमडी एम. महेश्वर राव ने बर्खास्तगी का आदेश जारी करते हुए जांच का आश्वासन भी दिया. वहीं, बीएमआरसीएल ने सोशल मीडिया पर कहा, ''नम्मा मेट्रो एक सार्वजनिक परिवहन है. राजाजीनगर में हुई घटना की जांच की जा रही है। वहीं सिक्योरिटी सुपरवाइजर को बर्खास्त कर दिया है. बीएमआरसीएल को मुसाफिर को हुई असुविधा के लिए खेद है.''

क्या है पूरा मामला
दरअसल, टिकट खरीदने के बाद भी किसान को ट्रेन में चढ़ने की इजाजत नहीं मिलने पर एक यात्री कार्तिक सी. ऐरानी ने अधिकारियों से सवाल किया था. उन्होंने इसको लेकर सिक्योरिटी सुपरवाइजर से जमकर बहस की थी, लेकिन सिक्योरिटी ने जवाब में कहा कि अगर किसान को भीतर जाने दिया, तो दूसरे मुसाफिर परेशान होंगे.

 एक सोशल मीडिया यूजर ने लगा दी क्लास
वहीं, इस घटना पर एक सोशल मीडिया यूजर दीपक एन ने कहा, "अविश्वसनीय.. क्या मेट्रो सिर्फ VIP लोगों के लिए है? क्या मेट्रो का उपयोग करने के लिए कोई ड्रेस कोड है? मैं कार्तिक सी ऐरानी के कार्यों की सराहना करता हूं, जिन्होंने राजाजीनगर मेट्रो स्टेशन पर एक किसान के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ी. हमें हर जगह ऐसे नायकों की जरूरत है. बीएमआरसीएल अपने अधिकारियों को ठीक से ट्रेनिंग दे."

लोगों ने की कार्रवाई की मांग
कई संदेशों में बीएमआरसीएल से एक किसान का अपमान करने वाले कर्मचारी के खिलाफ फौरन कार्रवाई करने की मांग की गई है. सामाजिक कार्यकर्ता बृंदा अदिगे ने कहा, “नम्मा मेट्रो के कर्मचारियों को नागरिक को परेशान करने, उनके साथ भेदभाव करने के लिए दंडित किया जाएगा. कर्मचारियों को शिक्षित करें, जनता का पैसा मेट्रो में है, उनका वेतन नागरिकों के जरिए भुगतान किया जाता है.''

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