आखिर खून-पसीने की कमाई से बने आशियाने को अपने ही हाथों क्यों तोड़ रहे हैं कोसी किनारे बसे लोग
Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam1791838

आखिर खून-पसीने की कमाई से बने आशियाने को अपने ही हाथों क्यों तोड़ रहे हैं कोसी किनारे बसे लोग

Bhagalpur News: कोसी नदी में बढ़ते जलस्तर से कटाव तेज हो गई है, जिसकी वजह से लोग घर तोड़ने पर मजबूर हैं. पिछले साल भी कई घर कोसी में डूब गया था. 

 

आखिर खून-पसीने की कमाई से बने आशियाने को अपने ही हाथों क्यों तोड़ रहे हैं कोसी किनारे बसे लोग

Bihar News: बिहार के जिला भागलपुर में कोसी नदी हर साल की तरह इस साल भी कहर बरपा रही है. लगातार कोसी के जलस्तर में बढ़ोतरी की वजह से आलम यह है कि लोग अब ख़ुद से अपना आशियाना उजाड़ने पर मजबूर हैं. भागलपुर के पुलिस जिला नवगछिया के खरीक प्रखंड में लोग कटाव से परेशान हैं. मैरचा गांव की तरफ कोसी की धारा मुड़ने से कटाव तेज हो गया है.

कटाव के तेजी को देखते हुए जिला प्रशासन ने कटाव को रोकने के लिए काम शुरु कर दी है. वहीं कोसी में लगातार जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण परेशान हैं.हालांकि जिस तेजी से कोसी में जलस्तर बढ़ रहा है ऐसा लग रहा है कटाव को रोकने में कामयाब नहीं होंगे. ऐसे में कोसी के किनारे बसे लोग घर को तोड़कर ईंट और छड़ बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं.   

ये हैं टेस्ट के टॅाप 10 बॅालर, आंकड़े उड़ा देंगे होश

 

आवास येजना से बना था घर, अब तोड़ने को मजबूर
खरीक प्रखंड के मैरचा गांव के किशोर कुमार ने मेहनत मजदूरी कर के और प्रधानमंत्री आवास योजना के तरफ से मिली राशि के सहयोग से अपना आशियाना  तैयार किया था. ग्रामीण किशोर ने 2017 में घर बनाया था अब कोसी के कटाव के कारण घर तोड़ने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि घर तोड़कर कम से कम ईंट और छड़ तो बचा लेंगे.  

कोसी के मुहाने पर कई आशियाने 
इसी गांव में पिछले साल भी कोसी ने कहर बरपाया था जिसको देखते हुए दर्जनों लोगों ने यहां से पलायन कर लिया था और अपने घर को तोड़कर ईंट बचाया था. इस साल फिर कटाव ने लोगों को घर तोड़ने पर मजबूर कर दिया है कई घर अभी भी कोसी नदी से सटा हुआ है.

पिछले साल जिस तरह से कटाव हुआ था अगर प्रशासन किनारे पर बालू भड़ी बोरी की जगह अगर बोल्डर से काम कराते तो हद तक ये कटाव रूक सकता था. लेकिन बालू भरी बोरी तेज कटाव में टीक पाना मुश्किल है.  

Trending news