हिमाचल में संभावित सूखा पड़ने की स्थिति को देखते हुए 'जल जीवन मिशन' योजना का कार्य पूरा करने के दिए गए आदेश
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हिमाचल में संभावित सूखा पड़ने की स्थिति को देखते हुए 'जल जीवन मिशन' योजना का कार्य पूरा करने के दिए गए आदेश

Jal Jeevan Mission: हिमाचल प्रदेश के कई इलाको में इन गर्मियों के सीजन में सूखा पड़ने की संभाविता स्थिति बन रही है. हमीरपुर में इस बार सर्दियों के मौसम में 25 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई थी, जिसकी वजह से यहां भी सूखे की स्थिति बन सकती है. 

हिमाचल में संभावित सूखा पड़ने की स्थिति को देखते हुए 'जल जीवन मिशन' योजना का कार्य पूरा करने के दिए गए आदेश

अरविंदर सिंह/हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर सूखा पड़ने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में संभावित सूखे के हालातों को देखते हुए उपायुक्त देवश्वेता बनिक ने जल शक्ति विभाग, कृषि, बागवानी, पशुपालन, स्वास्थ्य, वन, राजस्व और अन्य विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. उन्होंने आदेश देते हुए कहा कि सभी विभाग हमीरपुर में कम बारिश और आने वाले समय में सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दें.

25 प्रतिशत कम बारिश हुई रिकॉर्ड
गौरतलब है कि हमीरपुर जिला में सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड होने के कारण सूखे की स्थिति बनी हुई है. हालांकि स्थिति अभी गंभीर नहीं हुई है, लेकिन फिर भी जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. बता दें, मुख्य सचिव ने बीते दिन सोमवार को सूखे की स्थिति से निपटने के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश स्तरीय बैठक की थी, जिसमें अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि वे अपने जिला की तैयारियों को अमली जामा पहनाएं. 

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नियमित रूप से सफाई और पानी की टेस्टिंग के लिए दिए आदेश
उपायुक्त देवश्वेता बनिक ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार जिला हमीरपुर में सर्दी के सीजन में बहुत ही कम बारिश हुई है. इससे जिले के जलस्रोतों, पेयजल योजनाओं, कृषि, बागवानी और अन्य संबंधित क्षेत्रों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे सभी पेयजल योजनाओं की ताजा स्थिति पर नजर रखें और जलस्रोतों की नियमित रूप से सफाई व पानी की टेस्टिंग सुनिश्चित करें. अगर किसी पेयजल योजना में पानी की कमी हो जाती है तो वैकल्पिक व्यवस्थाओं या अन्य स्कीमों से पानी की आपूर्ति की संभावना तलाश करें. 

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'जल जीवन मिशन' का कार्य पूरा कराने के दिए निर्देश
उन्होंने कहा कि 'जल जीवन मिशन' के तहत जिन स्कीमों के कार्य अंतिम चरण में हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए ताकि लोगों को तत्काल पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाया जा सके. उपायुक्त ने कहा कि पानी की कमी के कारण कई बार लोग प्राकृतिक जलस्रोतों का रुख भी करते हैं. गर्मियों में वनों में आग की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं. इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग के अधिकारी अग्निशमन विभाग और स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करें. 

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