UP Vidhansabha: 6 पुलिस वालों का वो गुनाह, जिसके लिए विधानसभा में लगानी पड़ी अदालत, जानें पूरा मामला

यूपी विधानसभा में शुक्रवार यानी कि 3 मार्च को करीब 27 साल बाद अदालत लगी. इस अदालत में 18 साल पुराने मामले में दोषी 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सजा का ऐलान किया गया. विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के दोषी इन सभी पुलिसकर्मियों को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महना ने एक दिन की सजा सुनाई है.

Written by - Pramit Singh | Last Updated : Mar 3, 2023, 04:21 PM IST
  • साल 1996 में विधानसभा में लगी थी अदालत
  • 17 साल पहले बताया गया था दोषी
UP Vidhansabha: 6 पुलिस वालों का वो गुनाह, जिसके लिए विधानसभा में लगानी पड़ी अदालत, जानें पूरा मामला

नई दिल्लीः यूपी विधानसभा में शुक्रवार यानी कि 3 मार्च को करीब 27 साल बाद अदालत लगी. इस अदालत में 18 साल पुराने मामले में दोषी 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सजा का ऐलान किया गया. विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के दोषी इन सभी पुलिसकर्मियों को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महना ने एक दिन की सजा सुनाई है.

साल 1996 में विधानसभा में लगी थी अदालत
यह सजा 3 मार्च रात 12 बजे तक होगी. इस दौरान सभी पुलिसकर्मियों को विधानसभा में बनी सेल के लॉकअप में रखा जाएगा. इससे पहले, साल 1996 में विधानसभा में अदालत लगी थी.

सबको मिला बोलने का मौका
विधानसभा में लगी इस आदालत में सतीश महाना ने सभी दलों के नेताओं से उनके पक्ष पूछा. फिर दोषी पुलिसकर्मियों को भी अपनी सफाई में बोलने का मौका दिया. इसमें दोषी सीओ अब्दुल समद ने अपनी सभी की तरफ से सदन से माफी मांगी. कहा कि ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी. इससे पहले अखिलेश से जब सदन के बाहर इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह गलत परंपरा है. 

साल 2004 का है मामला
दरअसल, यह मामला साल 2004 का है. तब यूपी में सपा की सरकार थी, मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे. उस समय कानपुर में बिजली कटौती के विरोध में सतीश महाना कानपुर में भाजपा के विधायक और कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे थे. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया था. इस लाठीचार्ज में तत्कालीन विधानसभा सदस्य सलिल विश्नोई की टांग टूटी थी. इसके बाद विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना की सूचना 25 अक्टूबर 2004 को विधानसभा सत्र में रखी गई थी.

17 साल पहले बताया गया था दोषी
बता दें कि 2004 के इस मामले में 17 साल पहले इन पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया जा चुका है, लेकिन अभी तक सजा नहीं सुनाई गई थी. अब जिन पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई गई उनके नाम इस प्रकार हैंः- अब्बदुल समद ये वर्तमान समय में क्षेत्राधिकारी हैं, ऋषिकांत शुक्ला, त्रिलोकी सिंह, छोटेलाल यादव, विनोद मिश्र और मेहरबान सिंह.

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