Sankranti 2022: संक्रांति पर करें ये विशेष पूजा, कभी नहीं होगी पैसों की किल्लत

Sankranti 2022: अगर सूर्य किसी राशि में अच्छे प्रभाव दे रहा हो तो इन प्रभावों में नौकरी में उन्नति, आत्मविश्वास का बढ़ना, इसके अलावा शासक पक्ष में सफलता मिलती है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Nov 17, 2022, 09:28 AM IST
  • सूर्य का वृश्चिक राशि में प्रवेश
  • वृश्चिक राशि के लिए अत्यधिक शुभ
Sankranti 2022: संक्रांति पर करें ये विशेष पूजा, कभी नहीं होगी पैसों की किल्लत

नई दिल्ली. Sankranti 2022 हिन्दू शास्त्र में वृश्चिक संक्रांति को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना गया है. इस दिन विशेष प्रकार की पूजा करके धन और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या को हल कर सकते हैं. वृश्चिक संक्रांति के दिन सूर्य का वृश्चिक राशि में प्रवेश, वृश्चिक राशि के जातकों के लिए अत्यधिक शुभ होता है. इसलिए वृश्चिक राशि के व्यक्तियों के लिए वृश्चिक संक्रांति का महत्व बढ़ जाता है.

हिंदू मान्यता के अनुसार, संक्रांति तिथि को दान, स्नान, तपस्या और श्राद्ध प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होता है. सूर्य तुला राशि से वृश्चिक राशि में गोचर किया है. तुला राशि में सूर्य की स्थिति अच्छी न होने के कारण वे कमजोर स्थिति में था. लेकिन अब वृश्चिक राशि में गोचर करने से सूर्य के लिए बेहतर घर है. यहां सूर्य ऊर्जा प्राप्त करता है. अब सूर्य एक माह तक वृश्चिक राशि में ही रहेगा. इस गोचर की स्थिति सिर्फ देश और दुनिया को भी प्रभावित करती है.

संक्रांति से संबंधित उपाय
वृश्चिक संक्रांति के दिन सूर्यादय से पहले दान किया जाता है. तांबे के लोटे में पानी डालकर उसमें लाल चंदन मिलाकर सूर्य को जल चढ़ाया जाता है. इसके साथ ही रोली, हल्दी और सिंदूर मिश्रित जल से सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. इस दिन सूर्य को गुग्गल की धूप की जाती है. वृश्चिक संक्रांति गुड़ से बने हलवे का भोग लगाया जाता है.

संक्रांति पूजा विधि
इन दिन अपने भाग्य को जाग्रृत करने के लिए भगवन कृष्ण जी के दामोदर स्वरुप की पूजा करनी चाहिए.
वृश्चिक संक्रांति के दिनों में विशेष रूप से चांदी के गिलास में पानी पीना चाहिए.
वृश्चिक के सूर्य के दिनों में सूर्य को  अर्ध में तुल्सी दल समर्पित करना चाहिए.
साथ ही साथ वृश्चिक राशि के जातकों को ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप भी लाभ प्रदान करता है.
वृश्चिक के सूर्य के दिनों में लोगों को पीपल के पेड़ की परिक्रमा करनी चाहिए.
वृश्चिक के सूर्य के दिनों में स्नान का अत्यधिक महत्व होता है. इसलिए पीपल के पेड़ की लकड़ियों को पानी में डालकर रखना चाहिए. इसके पश्चात उस पानी से स्नान करना चाहिए इससे शुभ फल प्राप्त होते हैं.
वृश्चिक संक्रांति के दिन व्रत रखना भी शुभ माना जाता है.
वृश्चिक के सूर्य के दिनों में अहंकार को त्याग देना चाहिए और सभी लोगों से मीठे स्वर में बात करना चाहिए.

(Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Zee Hindustan इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें.)

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