Uttarkashi Tunnel Collapse: बेटे की वापसी की खबर सुन चमक उठी मां की आंखें; 16 दिन बाद मनाई दिवाली
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Uttarkashi Tunnel Collapse: बेटे की वापसी की खबर सुन चमक उठी मां की आंखें; 16 दिन बाद मनाई दिवाली

Uttarkashi Tunnel Collapse: सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया. सफल बचाव के उपलक्ष्य में आज शाम देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास पर 'इगास बग्वाल' मनाया जाएगा. वहीं, मजदूरों की 'घर वापसी' पर उनके परिजन बेहद खुश हैं. 

Uttarkashi Tunnel Collapse

Uttarkashi Tunnel Collapse: उत्तरकाशी के सिलक्यारा में 16 दिनों तक सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को दिन-रात के संघर्ष के बाद मंगलवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. चिन्यालीसौड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सभी श्रमिकों की चिकित्सा जांच की जा रही है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. इस ऑपरेशन के सफल होने के बाद आज सिल्क्यारा सुरंग के मुख्य द्वार पर बने मंदिर में पुजारी ने पूजा की गई. टनल में फंसे 41 मजदूरों में झारखंड के 15, यूपी के 8, उत्तराखंड के 2, बिहार के 5, पश्चिम बंगाल के 3, असम के 2, हिमाचल प्रदेश का एक और ओडिशा के 5 मजदूर शामिल थे. वहीं, श्रमिकों की सकुशल वापसी पर परिजनों ने जश्न मनाया. इसके साथ ही सरकार और बचाव कर्मियों को धन्यवाद दिया.  

रेस्क्यू किए गए यूपी के श्रमिकों के नाम 
अंकित, राम मिलन, सत्यदेव, संतोष, जय प्रकाश, अखिलेश कुमार, मंजीत, राम सुन्दर, 

रेस्क्यू किए गए उत्तराखंड के श्रमिकों के नाम 
पु्ष्कर, गब्बर सिंह नेगी

लखीमपुर के मंजीत के घर मनाया गया जश्न 
रेस्क्यू किए गए लखीमपुर खीरी के श्रमिक मंजीत के परिवार के सदस्यों ने जश्न मनाया. मंजीत की मां ने कहा, "आज मैंने मिठाई बांटी है. हमें बहुत खुशी है. हमारा एक ही बेटा है, जिसे वहां फंसे हुए 17 दिन हो गए थे. आज मैं उत्तराखंड सरकार का बहुत धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने हमारे बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. उन्होंने आगे कहा, "हम बहुत खुश हैं. हमने आज दिवाली मनाई है. 17 दिन कैसे बीते हैं यह सिर्फ भगवान जानते हैं. 17 दिन हमारे लिए अंधेरा था, आज उजाला हुआ है. मैं केंद्र और राज्य सरकार का धन्यवाद करती हूं."

बेटे के लौटने पर मनाई दिवाली
श्रावस्ती के रहने वाले श्रमिक राम मिलन के परिवार के सदस्यों ने भी 16 दिन बाद मंगलवार को दिवाली मनाई. राम मिलन के बेटे संदीप कुमार ने कहा कि पिता के सकुशल लौटने पर बहुत अच्छा लग रहा है. हम सब बेहद खुश हैं. पिता से बात हुई है. संदीप ने केंद्र सरकार और बचाव कर्मियों को धन्यवाद दिया. वहीं श्रावस्ती जिले के ही श्रमिक राम सुंदर की पत्नी शीला ने कहा, "हम बहुत खुश हैं, कल हमने उनसे फोन पर बात की थी. पूरे गांव में खुशी का माहौल है. मां धनपति ने कहा कि बेटे के लौटने पर हमने कल शाम को दिवाली मनाई. घर-परिवार और पूरे गांव के लोगों में खुशी की लहर है. 

रेस्क्यू किए गए श्रमिक संतोष कुमार के घर में भी खुशी का माहौल देखने को मिला. श्रमिक की मां ने बताया कि हमारी संतोष से फोन पर बात हुई है, अभी वह अस्पताल में है. हम सभी ने बेटे की वापसी पर दिवाली मनाई है. उन्होंने केंद्र सरकार और बचाव कर्मियों को धन्यवाद दिया. 

श्रमिकों से मिलने पहुंचे मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल 
बुधवार सुबह उत्तराखंड के मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल श्रमिकों से मिलने चिन्यालीसौड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. उन्होंने कहा, "सब एकदम ठीक हैं और बहुत खुश हैं. सभी ने खाना भी खाया है. वहीं इस रेस्क्यू में अहम भूमिका निभाने वाले अंतर्राष्ट्रीय टनलिंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने कहा, "हम शांत थे और हम जानते थे कि वास्तव में हमें क्या करना है. हमने एक अद्भुत टीम के रूप में काम किया. भारत के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियर, सेना, सभी एजेंसियां... इस सफल मिशन का हिस्सा बनना खुशी की बात है..." 

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