krishna Janmashtami 2023: कान्हा का भोग लगाते समय नहीं करते ये गलतियां, जानें नियम तभी मिलेगा पूजा का दोगुना फल
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krishna Janmashtami 2023: कान्हा का भोग लगाते समय नहीं करते ये गलतियां, जानें नियम तभी मिलेगा पूजा का दोगुना फल

Janmashtami Bhog Niyam:कई लोग भोग लगाने का महत्व और इसके नियम पूरी तरह नहीं जानते...इसलिए यह जानना जरूरी है कि भगवान को अर्पित किए जा रहे भोग को लेकर सही नियम क्या हैं...जन्माष्टमी नजदीक ही है..  इन नियमों का पालन करके ही भगवान प्रसन्न होंगे.

प्रतीकात्मक फोटो

krishna Janmashtami 2023: सनातन धर्म में किसी भी देवी-देवता की पूजा बिना भोग के अधूरी मानी जाती है. पूजा पाठ में भोग का विशेष महत्व बताया गया है.भगवान के भोग के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है. प्रत्येक देवी-देवता की पूजा की विधि अलग होती है. उनकी पूजा में अलग-अलग चीजें अर्पित की जाती हैं. भोग में देवी-देवताओं को फल, मिठाइयां, पकवान, पंचामृत  आदि चढ़ाए जाते हैं. भगवान को भोग लगाने को लेकर शास्त्रों में कुछ नियम भी बताए गए हैं. देश में कृष्ण जन्मोत्सव (Krishna janmoutsav) बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. लड्डू गोपाल को इस दिन उनकी पसंद की चीजों का भोग लगाया जाता है. ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि इस दिन राशि के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण को शृंगार और भोग लगाने से जातकों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं. इस जन्माष्टमी को भी हम भगवान श्री कृष्ण को भोग लगाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना है.

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जन्माष्टमी हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है. संसार के पालन हारे का जन्मोत्सव कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है.  वैसे तो भगवान कृष्ण के कई सारे नाम हैं.  कोई उन्हें लड्डू गोपाल कहता है तो कोई उन्हें बाके-बिहारी,कोई नंदलाल,कान्हा तो कहीं वो गिरधारी. जन्माष्टमी के दिन लोग पूरा दिन व्रत रहते हैं और रात में श्री कृष्ण के जन्म के बाद व्रत खोलते हैं. इसलिए घर में कान्हा के लिए कई तरह के भोग और व्यंजन बनाए जाते हैं. शास्त्रों में इस बात का उल्लेख किया गया है कि कान्हा को नियमानुसार ही भोग लगाना चाहिए. ऐसा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख शांति आती है.

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श्रीकृष्ण का पहला भोग
जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल का सबसे पहला भोग सुबह 6 से 7 बजे की बीच में लगाएं. उनको भोग लगाने से पहले जगाएं और  दूध का भोग लगाएं. 

बाल गोपाल का दूसरा भोग
श्रीकृष्ण को दूसरा भोग, स्नान कराने के बाद लगाएं. उनको नए वस्त्र पहनाएं और श्रृंगार करें. उनको माखन-मिश्री या लड्डू का भोग अर्पित करें. 

कान्हा का तीसरा भोग
किशन कन्हैया का तीसरा भोग दोपहर में लगाएं. बाल गोपाल को फलों का भोग लगा सकते हैं.

बांसुरी वाले का चौथा भोग
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन शाम के समय  किशन कन्हैया को चौथा भोग लगाएं. इस समय के भोग में आप मेवे, फल और दूध का भोग लगा सकते हैं. जन्माष्टमी पर  बनने वाले व्यंजन का भी आप  भोग लगा सकते हैं.

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