Barabanki: ATM में फेवी क्विक लगाकर ग्राहकों का खाता करते थे खाली, शातिरों की इस ट्रिक ने पुलिस के भी उड़ाए होश
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Barabanki: ATM में फेवी क्विक लगाकर ग्राहकों का खाता करते थे खाली, शातिरों की इस ट्रिक ने पुलिस के भी उड़ाए होश

Barabanki News: यूपी की बाराबंकी पुलिस ने दो ऐसे साइबर ठगों को दबोचा है, जिनकी ठगी के तरीके सुन सभी के होश उड़ गए. दरअसल, दोनों ठग ATM मशीन में फेवीक्विक लगाकर पहले लोगों का कार्ड ले लेते थे. इसके बाद उस कार्ड से पैसे निकालते और ऑनलाइन शॉपिंग करते थे. 

BARABANKI THAGI NEWS

नितिन श्रीवास्तव/बाराबंकी: बाराबंकी पुलिस ने बिहार के दो बेहद शातिर साइबर ठगों को दबोचा है. यह दोनों एटीएम में फेवीक्विक लगाकर ग्राहकों के खाते से रुपये लूट लेते थे. इन दोनों ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ बिहार में कई वारदातों को अंजाम दिया है. पुलिस ने इनके कब्जे से कई लोगों के अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, साढ़े तीन लाख रुपये कैश और घटनाओं को अंजाम देने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं. 

कुरौली से किया अरेस्ट 
सर्विलांस और नगर कोतवाली पुलिस टीम ने सतीश कुमार और चन्दन कुमार नाम के इन शातिर साइबर लुटेरों को कुरौली से गिरफ्तार किया है. यह दोनों बिहार के जमुई थाना क्षेत्र में सिकंदरा के निवासी हैं. बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष मिश्रा ने इन दोनों के कारनामों का खुलासा किया है. 

गिरफ्तार ठगों ने 7 जुलाई को फतेहपुर कस्बे में इसरत जहां नाम की महिला का एटीएम कार्ड बदल कर खाते से रुपये निकाल लिए थे. जिसके बाद 26 जुलाई को नगर क्षेत्र निवासी प्रभात चन्द्र की मां का एटीएम कार्ड मशीन में फंस जाने के बाद में उनके खाते से पैसे निकाल लिए थे. मामले में दर्ज मुकदमे के बाद जब पुलिस जांच में जुटी तो उसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ. एएसपी के मुताबिक, यह ठग एटीएम में फेवी क्विक डालकर पैसे निकालने वाले ग्राहकों को बड़े ही शातिर तरीके से अपना निशाना बनाते थे. 

कम-पढ़े लोगों को बनाते थे निशाना
एएसपी के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि यह लोग ज्यादातर कम पढ़े-लिखे और ग्रामीणों को निशाना बनाते थे. लोगों का एटीएम कार्ड बदलकर या एटीएम मशीन में कार्ड एंटर करने की जगह पर सिरिंज से फेवी क्विक लगा देते थे. इसके साथ ही मशीन के ऊपर सहायता प्राप्त करने के लिए मोबाइल नंबरों को मार्कर से लिख देते थे. दोनों ने बताया कि जब किसी ग्राहक का एटीएम कार्ड मशीन में फंस जाता था तो हम दोनों में से एक एटीएम के अन्दर जाता था. वह ग्राहक से उसकी परेशानी पूछता था और सहायता के लिए एटीएम मशीन पर मार्कर से लिखे नंबरों को डायल करने को कहता. बाहर खड़ा उसका दूसरा साथी ग्राहक से मोबाइल कॉल पर ही उसके एटीएम की पूरी डिटेल और पिन नंबर समेत बाकी जानकारियां ले लेता था. 

एएसपी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि फोन पर वह ग्राहक को टेक्नीशियन को भेजने का आश्वासन देता था, लेकिन काफी देर तक टेक्नीशियन के न आने पर ग्राहक परेशान होकर चला जाता था. तब दोनों में से एक शख्स एटीएम के अन्दर जाकर चाकू, प्लास आदि की मदद से एटीएम कार्ड निकाल लेते थे. इसके बाद उसी एटीएम कार्ड का प्रयोग करके खाते से ऑनलाइन शापिंग और कैश निकाल लेते थे. 

कई शहरों में दे चुके घटना को अंजाम 
आरोपियों ने कानपुर नगर, लखनऊ, उन्नाव, बनारस, प्रयागराज, रायबरेली और अन्य जिलों के साथ बिहार प्रान्त में घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूली है. पुलिस अन्य घटनाओं की छानबीन करने में जुटी है. पुलिस ने इनके कब्जे से दूसरे ग्राहकों के 14 एटीएम कार्ड, 3 मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड, इंडिगो कार, 3,49,800 नकद रुपये, फेवी क्विक, डिस्पोजल सिरिंज, पेचकस, प्लास और दूसरे उपकरण बरामद किए हैं. एएसपी आशुतोष मिश्र ने बताया कि बिहार में डिस्ट्रीब्यूटर एक हजार रुपये में दूसरे के नाम का सिम उपलब्ध कराता है. यह दोनों उसी सिम का इस्तेमाल करते थे. 

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