Rajsamand news: विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा का इस दिन होगा लोकार्पण, पीएम को भेजा है न्योता
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Rajsamand news: विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा का इस दिन होगा लोकार्पण, पीएम को भेजा है न्योता

 World's tallest Shiva statueराजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में श्रीनाथ में 369 फीट की विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा 'विश्वास स्वरूपम' का लोकार्पण महोत्सव 29 अक्टूबर से 6 नवम्बर तक आयोजित किया जा रहा है. काफी समय से बन रही यह प्रतिमा वर्ष 2022 में बनकर तैयार हो चुकी है. 

 Rajsamand news: विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा का इस दिन होगा लोकार्पण, पीएम को भेजा है न्योता

 World's tallest Shiva statue:  राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में श्रीनाथ में 369 फीट की विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा 'विश्वास स्वरूपम' का लोकार्पण महोत्सव 29 अक्टूबर से 6 नवम्बर तक आयोजित किया जा रहा है. काफी समय से बन रही यह प्रतिमा वर्ष 2022 में बनकर तैयार हो चुकी है. शिव की यह विशाल प्रतिमा राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में बनी है. जिसका लोकार्पण का न्योता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया है.

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पीएम कर सकते है लोकार्पण

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए इस प्रतिमा का लोकार्पण किया जा सकता है.फिलहाल अभी पीएम मोदी के यहां आने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वहीं, इस विषय पर ट्रस्टी मदन पालीवाल ने बताया कि राजसमंद के नाथद्वारा में श्रीनाथजी की पावन धरा पर विश्व की सबसे ऊंची 369 फीट की शिव प्रतिमा विश्वास स्वरूपम का लोकार्पण कार्यक्रम महामहोत्सव के रूप में मनाया जाएगा जो कि 29 अक्टूबर से 6 नवम्बर तक आयोजित होगा. ततपदम के जरिए विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा विश्वास स्वरूपम का निर्माण करवाया गया है. 9 दिन तक के इस महोत्सव में रामकथा होंगी और मुरारी बापू  के जरिए  कथा का वाचन किया जाएगा.

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पर्यटक की दृष्टि से भी है काफी महत्वपूर्ण 

यह धार्मिक आयोजन  पर्यटक की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण होगा. यहां पर प्रतिदिन लगभग 2 हजार से ज्यादा पर्यटकों का आवागमन होगा. लोकार्पण के बाद यहां पर दिसंबर तक टिकटों की दर तय कर दी जाएगी, जिससे पर्यटक यहां  आकर विश्व की सबसे ऊंची 369 शिव प्रतिमा 'विश्वास स्वरूपम' को देख सकेंगे. 

बता दें कि ट्रस्टी मदन पालीवाल ने कई साल पहले पूर्व श्रीजी की नगरी में भगवान शिव की अल्लड़ मुद्रा में विश्व की सबसे बड़ी शिव मूर्ति बनवाने का ड्रीम प्रोजेक्ट तैयार किया था. ट्रस्टी मदन पालीवाल ने बताया कि राजस्थान का कण कण अपने शौर्य, बलिदान, भक्ति के साथ ही आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के कारण देश विदेश के लोगों को बरबस ही आकर्षित करता है. 

संत कृपा सनातन संस्थान के ट्रस्टी मदन पालीवाल ने बताया की महादेव के इस महामहोत्सव में 9 दिन तक धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आयोजनों की धूम रहेगी, मुरारी बापू की 9 दिवसीय रामकथा इस महोत्सव को चार चांद लगाएगी ओर इसके साक्षी बनेंगे देश दुनियां से लाखों श्रोता आएंगे.,मुरारी बापू की रामकथा, इस लोकार्पण महोत्सव में सोने पर सुहागा की तरह होगी.

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कहां बनी है यह प्रतिमा
नाथद्वारा की गणेश टेकरी पर बनी 369 फीट की ऊंची यह प्रतिमा ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा रही है.51 बीघा की पहाड़ी पर बनी इस प्रतिमा में भगवान शिव ध्यान एवं अल्लड़ की मुद्रा में विराजित है जो 20 किलोमीटर दूर से ही नजर आने लग जाती है. रात में यह प्रतिमा स्पष्ट रूप से दिखाई दे, इसके लिए विशेष लाइट्स से इसे प्रकाश से सजाया है. बता दें कि पूरा नगर रोशनी से नहाने के लिए तैयार हो रहा है. दीपावली महोत्सव से ही विद्युत सज्जा और नगर का निखरा हुआ नजारा दिखने लगेगा. इस भव्य आयोजन को लेकर आम नागरिकों में बहुत उत्साह देखने को मिल रहा है और प्रतिदीन करीब 50 से 60 हजार श्रद्धालु मुरारी बापू को सुनने के लिये एकत्रित होंगे.,

बापू के व्यासपीठ बनेगी आकर्षण का केन्द्र

इस अवसर पर मुरारी बापू की व्यासपीठ को लेकर भी खासा तैयारियां की गई है. भोजनशाला की तैयारियों को देखते हुए समझा जा सकता है कि प्रतिदिन यहां लाख लोग भोजन प्रसाद लेंगे, सर्विस काउण्टर तक सामग्री पहुंचाने के लिये यहां ओवरहेड कनवेयर तकनीक का सहारा लिया जा रहा हैं जो कि अपने आप में अद्भूत हैं.आयोजन का हिस्सा बनने वाले लोगों द्वारा होटल आदि की एडवांस बुकिंग करवाई जा रही है.

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369 फीट ऊंची है यह प्रतिमा
 विश्व की सबसे ऊंची शिव मूर्ति की अपनी एक अलग ही विशेषता है. 369 फीट ऊंची यह प्रतिमा विश्व की अकेली प्रतिमा होगी, जिसमें लिफ्ट, सीढ़ियां, श्रद्धालुओं के लिए हॉल बनाया गया है. प्रतिमा के अंदर सबसे ऊपरी हिस्से में जाने के लिए चार लिफ्ट और तीन सीढ़ियां बनी हैं. प्रतिमा के निर्माण में 10 साल का समय और 3000 टन स्टील और लोहा, 2.5 लाख क्यूबिक टन कंक्रीट और रेत का इस्तेमाल हुआ है. प्रतिमा का निर्माण 250 साल की स्थिरता को ध्यानगत रखते हए किया गया है. 250 किमी रफ्तार से चलने वाली हवाएं भी मूर्ति को प्रभावित नहीं करेगी. इस प्रतिमा की डिजाइन का विंड टनल टेस्ट (ऊंचाई पर हवा) आस्ट्रेलिया में हुआ है. प्रतिमा स्थल पर पर्यटकों की सुविधाओं ओर मनोरंजन के लिये बंजी जम्पिंग का निर्माण किया गया है. यह ऋषिकेश के बाद दूसरी सबसे बड़ी बंजी जम्पिंग होगी, जिसका लुफ्त उठाने के लिए देश-विदेश के पर्यटक यहां आएंगे. साथ ही फुटकोर्ट, गेम जोन, जिप लाइन, गो कार्टिंग, एडवेंचर पार्क और जंगल कैफे का निर्माण भी किया गया है। जहां पर्यटक दिन भर यहां इसका लुफ़्त उठा सकेंगे। शिव प्रतिमा पर विशेष रूप से लाइट एन्ड साउंड के थ्री डी प्रयोग के द्वारा शिव स्तुति का प्रसारण होगा। पर्यटकों के लिए यह बहुत की आकर्षण का केंद्र होगा। इसमें बरकों कम्पनी के प्रोजेक्टर का प्रयोग किया गया है.

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