राजस्थान विधानसभा में 16 घंटे चलेगी बहस, भजनलाल सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस के पास 5 घंटे 36 मिनट
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राजस्थान विधानसभा में 16 घंटे चलेगी बहस, भजनलाल सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस के पास 5 घंटे 36 मिनट

16 वीं विधानसभा के पहले सत्र में सदन की कार्यवाही में विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने विधायक दल की बैठक कर रणनीति बनाई.

राजस्थान विधानसभा में 16 घंटे चलेगी बहस, भजनलाल सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस के पास 5 घंटे 36 मिनट

Rajasthan Vidhansabha Satra: 16 वीं विधानसभा के पहले सत्र में सदन की कार्यवाही में विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने विधायक दल की बैठक कर रणनीति बनाई. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विपक्ष के आरोपों पर किस तरह से मजबूती के साथ जवाब दिया जाए इसकी रणनीति बनी है, तो वहीं दूसरी और विपक्ष ने भी सत्ता पक्ष को घेरने के लिए अपने पूर्व मंत्रियों और विधायकों को जिम्मेदारी दी है. खास तौर से विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण में पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की आलोचनाओं को लेकर पलटवार करने की रणनीति बनाई है.

-सदन में वाद विवाद पर बोलने के लिए सदस्यों का किया समय तय
-अभिभाषण पर बोलने के लिए कुल 16 घंटे का समय रखा गया
-सत्ता पक्ष को 9 घंटे 12 मिनट,  कांग्रेस को 5 घंटे 36 मिनट , BAP को 15 मिनट 
-बीएसपी को 10 मिनट, आरएलपी और आरएलडी को 5-5 मिनट 
-निर्दलीयों को 38 मिनट बोलने का समय दिया गया

सीएम की अध्यक्षता में विधायक दल की बैठक

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में हां पक्ष लोभी में विधायक दल की बैठक ली. इस दौरान सीएम भजनलाल शर्मा ने सभी विधायकों को सदन में मजबूती से सरकार का पक्ष रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति बनाई . सीएम ने बैठक में कहा कि सरकार ने 1 महीने में जो जन कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया है उनको मजबूती से सदन में रखा जाए और जो भी आरोप कांग्रेस के विधानसभा सदस्यों की ओर से लगाए जाएं उन पर मजबूती से पलटवार किया जाए. विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होनी है. इससे पहले भाजपा विधायक अनीता भदेल राज्यपाल के लिए धन्यवाद प्रस्ताव रखेंगी. बाबूसिंह और फूल सिंह मीणा प्रस्ताव का अनुमोदन करेंगे.

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा

उधर राज्यपाल के अभिभाषण में हुई गहलोत सरकार की आलोचनाओं को लेकर भी प्रतिपक्ष सदन में सत्ता को घेरने की रणनीति बनाई है. सदन में अब चार दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होनी है, विपक्ष का सबसे बड़ा मुद्दा राज्यपाल का अभिभाषण रहेगा, विपक्ष पहले ही साफ कर चुका है सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए राज्यपाल के अभिभाषण पर शांत रहे लेकिन जिस तरह से सत्ता पक्ष ने राज्यपाल के जरिये पूर्ववर्ती सरकार को भ्रष्टाचारी और योजनाओं को फेल बताया, जबकि इन्ही राज्यपाल ने पूर्व में इन्ही योजनाओं की तारीफ की थी. कांग्रेस ने अपने विधायक दल की बैठक के बाद पार्टी ने इसी को मुद्दा बनाने का तय किया है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बताया कि पेपर लीक सहित कई मुद्दे है जिनके जवाब सदन में मांगे जाएंगे. पार्टी ने पूर्व मंत्रियों को विषयवार सरकार से सवाल करने की जिम्मेदारी दी है.

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