सम्मान: कवि डॉ. गजादान चारण को मिलेगा मनमोहन मानव स्मृति साहित्य-सम्मान
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सम्मान: कवि डॉ. गजादान चारण को मिलेगा मनमोहन मानव स्मृति साहित्य-सम्मान

राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति की दृष्टि से उल्लेखनीय काव्य-सृजन करने के उपलक्ष्य में दिया जाने वाला ''मनमोहन मानव स्मृति साहित्य-सम्मान, 2022'' राजस्थानी के मूर्धन्य विद्वान एवं कवि डॉ. गजादान चारण ''शक्तिसुत'' डीडवाना को प्रदान किया जाएगा.  डॉ. चारण को यह सम्मान उनकी राजस्थानी काव्य कृति ''अंतस री आवाज'' पर दिया जा रहा है. 

डॉ. गजादान चारण को मिलेगा मनमोहन मानव स्मृति साहित्य-सम्मान.

Nagaur: शिक्षाविद मनमोहन मानव स्मृति संस्थान, करणी कॉलोनी नागौर की ओर से राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति की दृष्टि से उल्लेखनीय काव्य-सृजन करने के उपलक्ष्य में दिया जाने वाला ''मनमोहन मानव स्मृति साहित्य-सम्मान, 2022'' राजस्थानी के मूर्धन्य विद्वान एवं कवि डॉ. गजादान चारण ''शक्तिसुत'' डीडवाना को प्रदान किया जाएगा. 

राजस्थानी काव्य कृति ''अंतस री आवाज'' पर दिया जाएगा सम्मान
डॉ. चारण को यह सम्मान उनकी राजस्थानी काव्य कृति ''अंतस री आवाज'' पर दिया जा रहा है. पुरस्कार प्रदाता संस्थान के निदेशक राजेन्द्र सिंह नांधू ने बताया कि पुरस्कार चयन समिति के माननीय सदस्य वरिष्ठ साहित्यकार सर्व श्री लक्ष्मणदान कविया ''खेंण'', श्री पवन पहाड़िया ''डेह'', श्री राजेश विद्रोही ''लाडनूं'' ने सर्वसम्मति से डॉ. गजादान चारण ''शक्तिसुत'' का नाम तय किया.

डॉ. चारण हिंदी एवं राजस्थानी के उम्दा कवि, नायाब निबंधकार, सुधी संपादक, अनुभवी अनुवादक एवं सधे हुए समालोचक हैं, जो अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक समरसता, सांप्रदायिक सौहार्द, मानवीय मूल्यों की रक्षा, राष्ट्रीय अनुराग, कर्त्तव्यनिष्ठता, उत्तरदायित्व बोध एवं सरस जीवन का सुभग संदेश देते हैं. आपकी अब तक 17 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है. आपकी पुस्तकें माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान एवं विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में सम्मिलित हैं. देश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में आपकी  रचनाएं सतत रूप से प्रकाशित होती हैं.

डॉ. गजादान चारण की कृति ''अंतस री आवाज'' साहित्यिक समाज में चर्चित कृति 
मायड़भाषा राजस्थानी की मान्यता हेतु सतत प्रयत्नशील रहने वाले डॉ. गजादान चारण की कृति ''अंतस री आवाज'' साहित्यिक समाज में चर्चित कृति है, जिसे डॉ. आईदान सिंह भाटी जैसे समालोचक ''सतरंगी संवेदनाओं की विचारप्रवण कृति'' कह कर आदर देते हैं तो वरिष्ठ समीक्षक डॉ. तेजसिंह जोधा इन कविताओं को ''जीवन राग की कविताएं'' कह कर सम्मान देते हैं. वर्तमान में डॉ. चारण जीएचएस राजकीय महाविद्यालय, सुजानगढ़ में सह-आचार्य एवं विभागाध्यक्ष हिंदी के पद पर कार्यरत हैं. 

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नागौर-क्लब में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में प्रदान किया जाएगा 
राजेन्द्र नांधू ने बताया कि डॉ. चारण को उक्त सम्मान दिनांक 01 जून, 2022 को नागौर-क्लब में आयोजित श्री वासुदेव नांधू स्मृति अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में प्रदान किया जाएगा. सम्मान स्वरूप श्रीफल, शाल, साफा, अभिनंदन पत्र सहित इक्कीस हजार की नकद धनराशि भेंट की जाएगी.

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