झुंझुनूं के इस जवान ने किया देश का नाम रोशन, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया सम्मानित
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झुंझुनूं के इस जवान ने किया देश का नाम रोशन, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया सम्मानित

भारतीय सेना में झुंझुनूं के जवानों ने हमेशा नाम रोशन किया है. इसी क्रम में सेना के एक अफसर को कल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सेना के सर्वोच्च सम्मानों में से एक अति विशिष्ट सेवा मैडल से सम्मानित किया है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया सम्मानित

Udaipurwati: भारतीय सेना में झुंझुनूं के जवानों ने हमेशा नाम रोशन किया है. इसी क्रम में सेना के एक अफसर को कल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सेना के सर्वोच्च सम्मानों में से एक अति विशिष्ट सेवा मैडल से सम्मानित किया है. झुंझुनूं के गुढ़ागौड़जी के समीप रघुनाथपुरा गांव के रहने वाले बसंत रेप्सवाल को कल राष्ट्रपति भवन में आयोजित हुए कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अति विशिष्ट सेवा मैडल से सम्मानित किया है. इससे पहले बसंत रेप्सवाल को विशिष्ट सेवा मैडल समेत अन्य मैडल भी मिल चुके है. 

एनडीए के गोल्ड मे​डलिस्ट रह चुके लेफ्टिनेंट जनरल बसंत रेप्सवाल को मिले सम्मान के बाद उनके गांव में खुशी का माहौल है. बसंत फिलहाल आर्मी के एएससी बैंगलोर में पदस्थापित है. आपको बता दें कि बसंत रेप्सवाल के भाई केके रेप्सवाल भी सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर सेवारत है. उनकी पोस्टिंग फिलहाल कोलकाता में ईस्टन कमांड में है. पूरे परिवार में कई पीढियां देश सेवा में लगी हुई है. बसंत रेप्सवाल तथा केके रेप्सवाल के दिवंगत पिता जगनसिंह रेप्सवाल आर्मी से कर्नल के पद से रिटायर हुए है. वहीं, केके रेप्सवाल के दो बेटे अभिमन्यु और अभिषेक सेना में मेजर के पद पर सेवारत है.

एक साथ दो भाई, एक रैंक पर, यह इतिहास
जानकारी के मुताबिक आर्मी में अपने आपमें यह अनूठा इतिहास है कि जब दो सगे भाई. एक साथ सेना में एक ही पद पर सेवारत हो. बसंत रेप्सवाल और केके रेप्सवाल एक साथ आर्मी में 1984 में भर्ती हुए थे, जिसके बाद से दोनों लगातार थ्री स्टार रैंक, यानि कि लेफ्टिनेंट जनरल तक पहुंच चुके है. ऐसा इतिहास कहीं और नहीं है.

गांव से रहता है लगाव
दोनों ही भाइयों का गांव के प्रति गहरा लगाव रहता है. गांव में शादी की बात हो या फिर कोई गम की घड़ी. हर सुख-दुख में दोनों भाई बिना कोई वीआईपी कल्चर के सामान्य ग्रामीण की तरह गांव के लोगों के सुख-दुख में साथ देते है. वहीं, विकास कार्यों में भी हरसंभव मदद देते है. इसके अलावा युवाओं को मोटिवेशन देने के लिए भी समय-समय पर गांव आते रहते है. ऐसे में अब बसंत रेप्सवाल को मिले सम्मान के बाद गांव में खुशी का माहौल है. 

Report- Sandeep Kedia 

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