शिवराज के जिले में 'मामा' से परेशान फौजी, हक के लिए सालों से काट रहा चक्कर
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शिवराज के जिले में 'मामा' से परेशान फौजी, हक के लिए सालों से काट रहा चक्कर

सीहोर में अपने ही भूमि के लिए भटक रहा है देश का फौजी. दबंग मामा ने ही किया फौजी की जमीन पर कब्जा. सालों से काट रहा जिला प्रशासन के चक्कर. नहीं मिल रहा न्याय. 

शिवराज के जिले में 'मामा' से परेशान फौजी, हक के लिए सालों से काट रहा चक्कर

MP NEWS/दिनेश नागर: देश के फौजी जहां सीमा पर देश की सुरक्षा के लिए रात दिन एक कर देता है. चाहे बारिश हो या सर्दी गर्मी का मौसम हो. देश की सीमा की 1 इंच जमीन पर भी किसी का कब्जा नहीं करने देते. अपनी जान की बाजी भी लगाने को तैयार रहते हैं. वहीं एक फौजी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिला सीहोर में अपनी खुद की जमीन के लिए ऑफिसों में कई बार चक्कर लगाने के बाद भी दबंगों के चंगुल से छुड़वाने के लिए भटक रहा है. न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही.

सीहोर के निवारिया गांव के दीपक मीणा ने बताया कि वह भारतीय सेना में नायक की पोस्ट पर पदस्थ हैं. उन्होंने पाई-पाई जोड़कर झागरिया गांव में मामा के कहने पर 2 एकड़ जमीन खरीदी थी, जिसके बाद पूरा परिवार खुश था.  कुछ ही दिनों बाद सगे मामा ने ही जमीन पर कब्जा कर लिया. जब खेती करने जाते हैं तो डरा धमका कर भगा देते हैं. इसकी शिकायत में पिछले 2 साल से प्रशासन को कर रहे हैं.

ऐसे बयां किया दर्द
दीपने बताया, 'कई बार हमारे पक्ष में फैसला भी आ चुका है, लेकिन मेरा मामा गांव का दबंग व्यक्ति है, जिसके कारण मैं अपनी भूमि पर कब्जा नहीं ले पाया. जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से कई बार मैं मदद मांगता हूं. मुझे अभी तक न्याय नहीं मिल पाया. भारतीय सेना के जब जब भी मैं छुट्टी में घर आया हूं. मेरा पूरा समय जिले के दफ्तरों में ही बर्बाद हो गया है."

अब 1 सप्ताह में मिलेगी जमीन
इधर, "फौजी की मां ने भी अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि अब मुझसे सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटे जा सकते. न्याय मांग-मांग के अब मैं बिल्कुल थक चुकी हूं." वहीं इस संबंध में सीहोर कलेक्टर प्रवीण सिंह ने कहा कि 1 सप्ताह में पूरे मामले का नियम अनुसार निराकरण हो जाएगा.

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