Vivah Panchami 2023: 16 या 17 दिसंबर कब है विवाह पंचमी? जानें इस दिन क्यों नहीं होती शादियां
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Vivah Panchami 2023: 16 या 17 दिसंबर कब है विवाह पंचमी? जानें इस दिन क्यों नहीं होती शादियां

Vivah Panchami 2023 Date: मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन भगवान राम और सीता माता का विवाह हुआ था, इस दिन विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाता है. 

Vivah Panchami 2023: 16 या 17 दिसंबर कब है विवाह पंचमी? जानें इस दिन क्यों नहीं होती शादियां

Vivah Panchami 2023 Date: मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान राम और सीता माता का विवाह हुआ था, इस दिन को उनके विवाह की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है. इस साल विवाह पंचमी 17 दिसंबर को मनाई जाएगी, लेकिन इस दिन विवाह करने की मनाही होती है. जानते हैं विवाह पंचमी के दिन पूजन का शुभ मुहूर्त और इस दिन विवाह करने की मनाही क्यों होती है. 

विवाह पंचमी 2023 डेट (Vivah Panchami 2023 Date)
मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 16 दिसंबर 2023 को रात 8 बजे से शुरू होगी और 17 दिसंबर को शाम 05 बजकर 33 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार, विवाह पंचमी का पर्व 17 दिसंबर को मनाया जाएगा. 

राम-सीता की पूजा का महत्व
विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और सीता माता के पूजन का विशेष महत्व माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से भगवान राम और सीता माता की पूजा करते हैं उन्हें योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है. साथ ही उनका वैवाहिक जीवन खुशियों से भरा रहता है. 

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विवाह पंचमी पर शादी की मनाही
विवाह पंचमी पर भगवान राम और माता सीता के पूजन का विधान है, लेकिन इस दिन शादी-ब्याह जैसे आयोजनों की मनाही है. दरअसल, भगवान राम से विवाह करने बाद सीता माता को उनके साथ 14 वर्ष तक वन में रहना पड़ा. वनवास के कष्टों के बाद वापस उन्हें अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ा. यही नहीं भगवान राम ने गर्भवती सीता माता का परित्याग कर दिया, जिसके बाद उन्हें अकेले ही वन में जीवन बिताना बड़ा. भगवान राम और माता सीता के जीवन के कष्टों के देखते हुए कोई भी माता-पिता इस दिन अपनी संतान का विवाह नहीं करते हैं, जिससे उनकी संतान को ऐसे दुख नहीं झेलने पड़ें. 

जल्दी विवाह के लिए करें ये उपाय 
जिन लोगों की शादी में परेशानी आ रही है वो विवाह पंचमी के दिन माता सीता को लाल रंग की चुनरी अर्पित करें, साथ ही 'ओम जानकीवल्लभाय नमः' मंत्र का जाप करें. ऐसा करने से शादी में आ रही सभी परेशानियां दूर होती हैं और तुरंत शादी का योग बनता है. 

Disclaimer- इस आर्टिकल में दी गई जानकारी और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. ZEE MEDIA इनकी पुष्टि नहीं करता है.

 

 

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