Pitru paksh 2022: पितृदोष लगा हो तो घबराएं नहीं, करिए ये उपाय तो सुखी रहेंगे आप
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Pitru paksh 2022: पितृदोष लगा हो तो घबराएं नहीं, करिए ये उपाय तो सुखी रहेंगे आप

Pitru paksh 2022: अगर आपको अपने जीवन में संकेत नजर आ रहा है कि आपकी कुंडली में पितृदोष है तो इसे लेकर घबराएं नहीं, क्योंकि ज्योतिष में पितरों को प्रसन्न करके अपनी कुंडली से पितृ दोष दूर व उसके प्रभाव को कम करने के कई उपाय बताए गए हैं.

Pitru paksh 2022: पितृदोष लगा हो तो घबराएं नहीं, करिए ये उपाय तो सुखी रहेंगे आप

पटनाः Pitru paksh 2022: श्राद्ध पक्ष के 15 दिनों में पूर्वज अपने परिवारों में आते हैं और अपनी अगली पीढ़ी के सुख-वैभव को देखकर संतोष प्राप्त करते हैं. इस तरह उनकी आत्मा को कष्ट नहीं होता है. इसलिए घर में मौजूद जीवित वृद्धजनों की सेवा का तो महत्व है ही, उतना ही अधिक महत्व पितृजनों को मृत्यु के बाद पानी पिलाने का भी है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितृ हमारे और देवताओं के बीच की कड़ी होते हैं. अगर पितर प्रसन्न रहते हैं, तो परिजनों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं, जिसके परिणाम स्वरूप उनका जीवन सुखी और निरोगी रहता है. यदि किसी कारण ये पितर नाराज हो जाते हैं, तो परिजनों को कई कष्ट झेलने पड़ते हैं. सनातन परंपरा और शास्त्रों की मान्यता है कि पितृजन या तो मोक्ष को प्राप्त करते हैं या फिर वे पृथ्वी लोक में पुनः जन्म लेते हैं. इस लिए परिजनों को चाहिए कि वे पितरों को प्रसन्न करने के लिए तर्पणादि से उनकी सेवा करते रहें. जिससे पितर कभी नाराज न हों ताकि पितृ दोष न लगे.

पितृदोष दूर करने के उपाय
अगर आपको अपने जीवन में संकेत नजर आ रहा है कि आपकी कुंडली में पितृदोष है तो इसे लेकर घबराएं नहीं, क्योंकि ज्योतिष में पितरों को प्रसन्न करके अपनी कुंडली से पितृ दोष दूर व उसके प्रभाव को कम करने के कई उपाय बताए गए हैं. ये उपाय इस प्रकार हैं.

1. श्राद्ध के पहले दिन व्रत अवश्य करें.
2. घर में अपने पितरों की तस्वीर अवश्य लगाएं. उनकी साफ सफाई करें और उन पर माला अवश्य चढ़ाएं.
3. प्रतिदिन उनकी पूजा करें, उनके समक्ष दीपक जलाएं और उनका आशीर्वाद लें.
4. अपने पितरों के नाम पर ज़रुरतमंदों को भोजन कराएं और उन्हें जरूरत की चीजें और दवा इत्यादि मुहैया कराएं.
5. अपने पितरों के नाम से धार्मिक स्थल में दान करें, पितरों का पिंडदान करें और ब्राह्मणों को भोजन कराएं.
6. पशु, पक्षी, गाय, कुत्ते और चींटियों आदि को भोजन अवश्य कराएं और इन्हें गलती से भी सताएं नहीं.
7. सोमवाती अमावस्या के दिन पितरों के नाम पर पितृभोग दें तथा गोबर के कंडे जलाकर उन्हीं के नाम पर शुद्ध घी की आहूति दें.
8. आसमयिक मृत्यु होने वाले के नाम पर नारायणबलि की पूजा करें और पितृ गायत्री का अनुष्ठान करवाएं.
9. पितरों के नाम पर पीपल का पौधा लगाकर पूर्वजों के मोक्ष की कामना करें.

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