कुंडली के सर्प दोषों से मुक्ति पाने के लिए रहिए तैयार, 21 अगस्त को करना है आपको ये उपाय!
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कुंडली के सर्प दोषों से मुक्ति पाने के लिए रहिए तैयार, 21 अगस्त को करना है आपको ये उपाय!

अगर आपकी कुंडली में किसी तरह का सर्प दोष बन रहा है तो यह आपके जीवन को परेशानियों से भर देता है. आपको बता दें कि कुंडली में काल सर्प दोष राहु और केतु के एक तरफ सभी ग्रहों के आ जाने से बनता है. ऐसे में कुंडली के सभी ग्रह इन दो पाप ग्रह या छाया ग्रह के प्रभाव में आ जाते हैं.

(फाइल फोटो)

Nag Panchami 2023: अगर आपकी कुंडली में किसी तरह का सर्प दोष बन रहा है तो यह आपके जीवन को परेशानियों से भर देता है. आपको बता दें कि कुंडली में काल सर्प दोष राहु और केतु के एक तरफ सभी ग्रहों के आ जाने से बनता है. ऐसे में कुंडली के सभी ग्रह इन दो पाप ग्रह या छाया ग्रह के प्रभाव में आ जाते हैं. ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि बाकि ग्रह जहां मार्गी होकर कुंडली में विचरण कर रहे होते हैं वहीं ये दोनों ग्रह हमेशा वक्री चलते हैं. ऐसे में कुंडली के 12 भावों में राहु और केतु जहां विद्यमान होता है उसी के हिसाब से आपकी कुंडली में सर्प दोष बनता है. क्योंकि राहु को सांप का मुंह और केतु को सांप की पूंछ की संज्ञा दी गई है. 

ऐसे में इस दोष से मुक्ति के लिए महादेव का स्मरण, पूजन, जाप और अभिषेक सबसे ज्यादा हितकारी बताया गया है. क्योंकि शिव-शंभू भोलेनाथ औघड़दानी ही इन दोषों से मुक्ति दिला सकते हैं. ऐसे में सावन में पड़नेवाली नागपंचमी की तिथि पर इसका विशेष पूजन और महत्व बताया गया है. वैसे तो सावन में दो नागपंचमी होती है एक शुक्ल पक्ष में और दूसरा कृष्ण पक्ष में. ऐसे में आपको बता दें कि इस बार शुक्ल पक्ष में पड़नेवाली नागपंचमी 21 अगस्त को सोमवार को मनाई जाएगी. 

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ऐसे में नागपंचमी के दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा के साथ विशेष रूप से उनके गण नाग की पूजा की जाती है. इसी दिन सालभर में एक बार उज्जेन महाकाल मंदिर के प्रांगण में स्थित नागचंद्रेश्वर का भी मंदिर खुलता है. इस दिन वासुकि, अनंत, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर, कर्कट और शंख नाम के नागों की पूजा का विधान है. 

इस दिन नागदेवता की पूजा आपको नागों के भय से मुक्ति दिलाता है. जिनकी कुंडली में काल सर्पदोष हो उसे इस दिन नाग की पूजा और शिव का अभिषेक करने से राहल महसूस होती है. इस बार ग्रह गोचर के अनुसार देखें तो 21 अगस्त सोमवार को पड़नेवाले नागपंचमी के दिन  सूर्य व बुध सिंह राशि में रहेंगे. सूर्य की यह स्वराशि है और बुध उनका मित्र ग्रह है जो उनके घर आया है ऐसे में बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है. ऐसे में यह दिन विशेष फलदायी माना गया है. 

ऐसे में नागपंचमी के दिन शिव का रुद्राभिषेक और नाग देवता की पूजा के साथ इस बात का संकल्प लें कि सांपों को कभी कोई कष्ट नहीं पहुंचाएंगे. इस दिन तवा या लोहे के किसी भी बर्तन में भोजन पकाना वर्जित है. इस दिन भूमि की खुदई भी नहीं करना चाहिए. 

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