Bihar News: नगर आयुक्त अनिमेष पराशर के प्रयासों का नतीजा, स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में पटना का पहली बार अवॉर्ड श्रेणी में चयन
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Bihar News: नगर आयुक्त अनिमेष पराशर के प्रयासों का नतीजा, स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में पटना का पहली बार अवॉर्ड श्रेणी में चयन

Bihar News: स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में पटना को पहली बार जीएफसी के लिए अवार्ड के रूप में लिए चयनित हुआ है. बिहार में पटना एवं सुपौल को इसके लिए चयनित किया गया है. 11 जनवरी 2024 को स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 का रिजल्ट आयेगा.

फाइल फोटो

पटना: Bihar News: स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में पटना को पहली बार जीएफसी के लिए अवार्ड के रूप में लिए चयनित हुआ है. बिहार में पटना एवं सुपौल को इसके लिए चयनित किया गया है. 11 जनवरी 2024 को स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 का रिजल्ट आयेगा. जिसमें पटना नगर निगम की टीम अवॉर्ड लेने के लिए दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होगी. गौरतलब है कि यह पहली बार है कि पटना नगर निगम को यह अवॉर्ड प्राप्त हो रहा है. पटना नगर निगम की तरफ से स्वच्छता में एक विशेष स्थान प्राप्त करने में राज्य सरकार के मार्गदर्शन में यह विशेष उपलब्धि प्राप्त हुई है. इसमें महापौर, जनप्रतिनिधिगण, नगर आयुक्त एवं नगर निगम के पदाधिकारियों, ब्रांड एम्बेसडर और सफाईकर्मियों का विशेष योगदान रहा. इनके नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया है. बता दें कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 का नतीजा घोषित किया जा चुका है.  इसके लिए बिहार पहुंची केंद्रीय टीम की तरफ से पटना की एक-एक गलियों और नुक्कड को खंगाला गया था. इस दौरान केंद्र की टीम यहां 18 दिनों तक रूकी थी. अब इसके नतीजे जब सामने आए हैं तो बिहार में पटना के पेयजल की कैटेगरी को भी Water+ कैटेगरी में सम्मिलित किया गया है. इस कैटेगरी में लखनऊ और गाजियाबाद का भी पेयजल नहीं है. यह पेयजल की सबसे अच्छी कैटेगरी है. इससे पहले स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में पटना के पेयजल कैटेगरी को ODF++ श्रेणी में रखा गया था. जिसमें सुधार इतना हुआ है कि बेहतर श्रेणी में आ गया है. 

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बिहार में IAS अनिमेष पराशर को पटना नगर निगम के सीईओ-सह-नगर आयुक्त पद पर तैनात किया गया तब से राजधानी में साफ-सफाई और कूड़ा प्रबंधन की स्थिति में तेजी से बदलाव आया. छठ में गंगा घाटों की सफाई से लेकर इसकी स्वच्छता की व्यवस्था हो पटना के आम शहरी लोगों के जनजीवन को सफाई से जोड़ना हो अनिमेष ने अपने कुशल नेतृत्व में इन कार्यों का संपादन बेहद सलीके से कराया और आज इसका नतीजा है कि गार्बेज फ्री सिटी के लिये पटना को चयनित किया गया है. 

वार्डों को जोन में बांट कर किया गया अभियान
वार्डों को 19 जोन में बांट कर सभी वार्डों में विशेष अभियान ऑपरेशन चाकाचक शुरू किया गया था, इस अभियान के तहत 26 मार्च से सभी 75 वार्डों में मशीनीकृत स्वीपिंग मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से सड़कों की सघन सफाई की जाएगी,. इस कार्य के लिए विभिन्न वार्डों को कवर करने के लिए कम से कम19 विशेष टीमों का गठन किया गया. 

658 GVP की समाप्ति
शहर में स्वच्छता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई अभियान भी चलाए जा रहे हैं. पीएमसी ने 658 से अधिक कचरा-संवेदनशील बिंदुओं को समाप्त किया गया. कूड़ा पॉइंट को चिन्हित कर उसे साफ किया गया और वहां पर कूड़ा पर चूड़ा, रंगोली, नववर्ष, दीपोत्सव एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया.

नगर निगम द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए इस वर्तमान समय में किये जा रहे नए प्रयोग

सड़क शत्रु- (सड़कों  पर CCTV एवं सभी वार्डों में सफाईकर्मियों द्वारा सड़क शत्रु की पहचान एवं 500 रुपये जुर्माना) 

 मेरा सड़क मेरी जवाबदेही- (सड़क की जवाबदेही तय कर नाम एवं मोबाईल नम्बर प्रकाशित करना, उन्हें सम्मानित करना) 

 मेरा शहर मेरी जिम्मेदारी-  (650 मुक्त जीवीपी पर कार्यक्रम, निगरानी समिति एवं माननीय पार्षदों द्वारा) 

मैनहॉल यात्रा- (पैदल यात्रा के माध्यम से सभी वार्डो में 2121 मैनहॉल की पहचान, उनकी मरम्मती) 

24×7 कॉम्बेट सेल  ( 155304 ) 3 पालियों में कर्मियों की शिफ्टिंग

वाट्सएप चैट बोट ( 9264447449 ) 

टूलकिट के साथ अन्य बिंदुओं पर भी किया गया कार्य
स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग के लिए केंद्र द्वारा स्थापित टूलकिट पर काम करने के अलावा, पीएमसी अधिक अंक लाने के लिए शहर-केंद्रित अभिनव योजना पर काम कर रही है. नागरिक निकाय ने स्वच्छता और स्वच्छता में सुधार के लिए और अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं के बारे में स्थानीय लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए पटना के कई प्रतिष्ठित चेहरों को ‘स्वच्छता मिशन’ स्वच्छता अभियान के ब्रांड एंबेसडर  के रूप में शामिल किया है. 

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