क्या जिन्ना ने 1947 में ही रख दी थी पाकिस्तान की बर्बादी और कंगाली की बुनियाद? पंडित ने दी थी वार्निंग
Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam1345471

क्या जिन्ना ने 1947 में ही रख दी थी पाकिस्तान की बर्बादी और कंगाली की बुनियाद? पंडित ने दी थी वार्निंग

1947 में देश आजाद होने के साथ पाकिस्तान भी बना. इस दौरान जिन्ना (Quaid E Azam) ने एक ऐसा फैसला लिया जिसको लेकर उन्हें पंडित ने वार्निंग दी थी. चलिए जानते हैं पूरा किस्सा

 क्या जिन्ना ने 1947 में ही रख दी थी पाकिस्तान की बर्बादी और कंगाली की बुनियाद? पंडित ने दी थी वार्निंग

Mohammad Ali Jinnah: 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ. इस दिन पूरे मुल्क ने आजादी का जश्न ऐसे मनाया, जैसे शायद ही कभी भारत ने खुशियां मनाई हों. सभी लोग आजाद भारत की हवा में 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' के नारे लगा रहे थे. इसी साल भारत का हिस्सा हमेशा के लिए अलग हो गया. उसे आज हम पाकिस्तान कहते हैं. लेकिन ऐसा माना जाता है कि 1947 में ही पाकिस्तान ने अपनी बर्बादी और कंगाली की बुनियाद रख दी थी. आज जिन्ना के मरण दिवस है इस मौके पर हम आपको जिन्ना के एस फैसले के बारे में बताने वाले हैं.

जिन्ना का फैसला पड़ा आज के पाकिस्तान पर भारी

देश की आजादी के दौरान डॉक्टर राजेंद्र ने मध्य प्रदेश के क्रांतिकारी लेखक ज्योतिषाचार्य पं. सूर्यनारायण व्यास को दिल्ली से बुलवाया. इस दौरान उसने सवाल किया गया कि ज्योतिषीय गणना के मुताबिक बताइये कि किस दिन भारत को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाना चाहिए. अंग्रेजों से दो तारीखें मिली हैं- 14 अगस्त और 15 अगस्त.

जिन्ना को पंडित ने चेताया

रिपोर्ट के अनुसार पं. व्यास के बेटे और दूरदर्शन के पूर्व महानिदेशक डॉ. राजशेखर व्यास बताते हैं, कि मोहम्मद अली जिन्ना मुहूर्त जैसी बातों पर यकीन नहीं करते थे. इसलिए उन्होंने 14 अगस्त को पाकिस्तान के लिए चुन लिया. इस दौरान उन्हें पंडित व्यास ने चेताया कि 14 अगस्त की ग्रह स्थिति सही नहीं है. लेकिन उन्होंने बात ना मानते हुए इस तारीख को फाइनल किया. पंडित व्यास ने कहा था कि अगर 14 अगस्त को पाकिस्तान बना तो, हो सकता है कि वह हमेशा अस्थिर रहे. क्योंकि कुंडली लग्न में भी अस्थिरता दिखती है.

देश हुआ 14-15 तारीख के बीच आज़ाद

रिपोर्ट के अनुसार राजशेखर व्यास आगे बताते हैं व्यास जी की सलाह के बाद डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद और जवाहरलाल नेहरू ने 14-15 अगस्त के दरमियानी रात 12 बजे के वक्त को देश की आजादी के लिए तय किया. क्योंकि इस दिन राशि में स्थिर लग्न था. पंडित व्यास का मानना था कि अगर इस वक्त देश आज़ाद हुआ तो लोकतंत्र और आज़ादी दोनों ही स्थिर रहेंगे. जिसके बाद 15 अगस्त 1947 को रात 12 बजे जवाहरलाल नेहरू ने तिरंगा फहराया.

कौन थे  पं. सूर्यनारायण व्यास?

पंडित सूर्यनारायण का जन्म 1902 में मध्यप्रदेश के उज्जैन में हुआ था. वह 1921-22 में देश की आजादी में सक्रिय हो गए थे. वह एक स्वतंत्रता सेनानी के साथ ज्योतिषी भी थे. रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने 1930 में एक लेख लिखा था जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत 1947 को आजाद होगा.

Trending news