खजुराहो से SP उम्मीदवार मीरा यादव का नॉमिनेशन रद्द, वीडी शर्मा ने चुटकी लेते हुए कही ये बात
Advertisement
trendingNow1/india/madhya-pradesh-chhattisgarh/madhyapradesh2191145

खजुराहो से SP उम्मीदवार मीरा यादव का नॉमिनेशन रद्द, वीडी शर्मा ने चुटकी लेते हुए कही ये बात

khajuraho Lok Sabha Seat: खजुराहो लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो गया है. नामांकन रद्द होने के बाद यहां से बीजेपी प्रत्याशी और बीजेपी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने चुटकी ली है. 

खजुराहो से SP उम्मीदवार मीरा यादव का नॉमिनेशन रद्द, वीडी शर्मा ने चुटकी लेते हुए कही ये बात

Khajuraho Lok Sabha Seat: खजुराहो लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार वीडी शर्मा को सीधे वॉक ओवर मिल गया है. यहां से महागठबंधन की उम्मीदवार मीरा यादव का फॉर्म जिला निर्वाचन आयोग ने निरस्त कर दिया है. अधिकारियों ने बताया कि नामांकन फॉर्म में कई कमियां थीं, जिस कारण नामांकन को निरस्त किया गया है. बता दें कि मीरा यादव को सपा ने वीडी शर्मा के खिलाफ उतारा था.

दरअसल पन्ना जिला अधिकारी के मुताबिक, मीरा यादव का फॉर्म इसलिए निरस्त किया गया है कि क्योंकि उन्होंने निर्धारित जगहों पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, इसके साथ ही उन्होंने फॉर्म के साथ पुरानी वोटर लिस्ट की नामावली संग्लन की थी. अब उनके फॉर्म निरस्त होने पर वीडी शर्मा का रिएक्शन भी सामने आया है.

बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा क्या बोले?
वहीं समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने के बाद यहां से बीजेपी प्रत्याशी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने चुटकी ली है. वीडी शर्मा ने कहा कि जहां तक खजुराहो का सवाल है, हमको तो चुनाव लड़ने में आनंद आता है. मेरा मन तो ऐसा हो रहा है कि मेरे सामने जो प्रतिपक्ष के प्रत्याशी थे, क्यों ऐसा हो गया? चुनाव लड़ना चाहिए, लड़ने में आनंद आता है.

अखिलेश यादव ने की जांच की मांग 
वहीं समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने न्यायिक जांच की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा 'खजुराहो सीट से इंडिया गठबंधन की सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन निरस्त करना सरेआम लोकतंत्र की हत्या है, कहा जा रहा है कि हस्ताक्षर नहीं थे तो फिर देखनेवाले अधिकारी ने फार्म लिया ही क्यों, ये सब बहाने हैं और हार चुकी भाजपा की हताशा, जो न्यायालय के कैमरे के सामने छल कर सकते हैं वो फार्म मिलने के बाद पीठ पीछे क्या-क्या साज़िश रचते होंगे. भाजपा बात में ही नहीं काम में भी झूठी है और समस्त प्रशासनिक तंत्र को भ्रष्ट बनाने की दोषी भी. इस घटना की भी न्यायिक जांच हो, किसी का पर्चा निरस्त करना लोकतांत्रिक अपराध है.'

जीतू पटवारी ने की जांच की मांग
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी मामले में बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने लिखा कि नामांकन निरस्त नहीं हुआ! नामांकन को निरस्त किया गया है! इसके लिए बीजेपी जिम्मेदार है. जब हस्ताक्षर नहीं तो जांच अधिकारी ने फॉर्म कैसे लिया था. उन्होंने भी पूरे मामले में न्यायिक जांच की मांग की है. 

रिपोर्ट- प्रमोद शर्मा

Trending news