Bhupen Hazarika Birth Anniversary: जब 17 साल की कल्पना लाजमी 45 साल के भूपेन को दिल दे बैठीं थी
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Bhupen Hazarika Birth Anniversary: जब 17 साल की कल्पना लाजमी 45 साल के भूपेन को दिल दे बैठीं थी

Bhupen Hazarika Birth Anniversary: भूपेन हजारिका ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में एमए किया और बाद में मास कम्यूनिकेशंस में पीएचडी करने के लिए अमेरिका चले गए. पढ़ाई करने के बाद भूपेन हजारिका चाहते तो अमेरिका में रह सकते थे लेकिन उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया.

Bhupen Hazarika Birth Anniversary: जब 17 साल की कल्पना लाजमी 45 साल के भूपेन को दिल दे बैठीं थी

Bhupen Hazarika: भारतीय संगीत की दुनिया में भूपेन हजारिका (Bhupen Hazarika) का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाता है. 8 सितंबर 1926 के दिन भूपेन हजारिका का जन्म हुआ था. कवि, संगीतकार, अभिनेता, लेखक और फिल्ममेकर के तौर पर भूपेन हजारिका ने ना सिर्फ असम के लोक संगीत (Assam folk music) को समृद्ध किया, साथ ही फिल्म इंडस्ट्री को भी एक से बढ़कर एक गीत दिए. भूपेन हजारिका जितने अपने संगीत के लिए जाने जाते हैं, उतनी ही अनोखी उनकी लव स्टोरी रही. जिसमें वह 17 साल की कल्पना लाजमी को अपना दिल दे बैठे थे. 

भूपेन हजारिका, कल्पना लाजमी लव स्टोरी (Bhupen hazarika love story)
कल्पना लाजमी एक चर्चित फिल्मकार रही हैं और महिला प्रधान फिल्में बनाने के लिए जानी जाती हैं. कल्पना लाजमी, भूपेन हजारिका के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी खूब चर्चा में रहीं. कल्पना लाजमी ने भूपेन हजारिका और अपने प्रेम संबंधों पर एक किताब भी लिखी थी, जिसका शीर्षक "भूपेन हजारिका, एज आई नो हिम" है. 

किताब में कल्पना लाजमी लिखती हैं कि "मैं 17 साल की थी और वह (भूपेन हजारिका) 45 साल के थे, जब मैंने उन्हें पहली बार देखा तो मेरी आंखें पहली नजर के प्यार से चमक उठी थीं और उसके 40 साल बाद, जब तक भूपेन हजारिका जिंदा रहे, तब तक उनकी आंखों में मैंने उस चमक का प्रतिबिंब देखा था." कल्पना लाजमी ने लिखा कि वह और भूपेन हजारिका 40 साल तक एक दूसरे के हमराह और मार्गदर्शक बनकर रहे.

कल्पना लाजमी ने किताब में लिखा कि जब उन्होंने पहली बार 45 साल के भूपेन हजारिका को देखा तो उन्हें 'धुमुआ' की याद आ गई. असम में धुमुआ, ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे आने वाले धीमे तूफानों को कहते हैं. कल्पना लिखती हैं कि भूपेन धुमुआ जैसे करिश्माई, जंगली, जुनूनी, प्रतिभावान और कमाल के बौद्धिक थे. कल्पना के अनुसार, भूपेन हजारिका को उत्तर पूर्व से बेहद प्यार था. 

कल्पना लाजमी ने लिखा कि भूपेन हमेशा चाहते थे कि हमें अपनी प्रेम कहानी को सेलिब्रेट करना चाहिए क्योंकि यह खास थी. जवानी से बुढ़ापे तक यह एक ऐसी यात्रा थी, जिसमें प्यार और जुनून था. हम अपनी जिंदगी में कई यादें बनाईं, उनमें कुछ को हम याद करते थे और कुछ को चाहते थे कि भूल जाएं लेकिन भूल नहीं पाए. 

अमेरिका से की पढ़ाई
भूपेन हजारिका का जन्म असम के तिनसुकिया जिले के सादिया इलाके में हुआ था. भूपेन हजारिका 10 भाई बहनों में सबसे बड़े थे. उनकी मां ने उनका परिचय असम संगीत से कराया. जिसके बाद छोटी उम्र में ही भूपेन हजारिका ने गीत लिखने और गाने शुरू कर दिए थे. भूपेन हजारिका ने अपने बचपन में असमिया फिल्म इंद्रमालती में बाल कलाकार के तौर पर अभिनय किया और गीत भी गाया. 

भूपेन हजारिका ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में एमए किया और बाद में मास कम्यूनिकेशंस में पीएचडी करने के लिए अमेरिका चले गए. पढ़ाई करने के बाद भूपेन हजारिका चाहते तो अमेरिका में रह सकते थे लेकिन उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया. इसकी वजह ये थी कि भूपेन हजारिका को अपनी मातृभूमि से बेहद प्यार था. 

भूपेन हजारिका ने अवार्ड विनिंग असमिया फिल्में शकुंतला सुर और प्रतिध्वनि का निर्देशन भी किया. साथ ही हिंदी सिनेमा की आरोप, एक पल और रुदाली जैसी फिल्मों में शानदार संगीत देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. रुदाली के लिए भूपेन हजारिका को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का नेशनल अवार्ड मिला था. भूपेन हजारिका के संगीत और कला के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण, दादासाहेब फाल्के जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. कुछ साल पहले ही भूपेन हजारिका को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित किया गया. साल 2011 में भूपेन हजारिका ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था. 

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