MP विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, तीसरे दिन सदन बना सियासी अखाड़ा
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MP विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, तीसरे दिन सदन बना सियासी अखाड़ा

मध्य प्रदेश का शीतकालीन सत्र पूरा पांच दिन भी नहीं चल सका और तय समय से पहले ही स्थगित हो गया. पांच दिन चलने वाला सत्र तीन में ही समाप्त हो गया. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के जमकर हंगामा देखने को मिला. इस सत्र में ही प्रदेश का अनुपूरक बजट पेश हुआ. आज हंगामे के बाद कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. 

MP विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, तीसरे दिन सदन बना सियासी अखाड़ा

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी हंगामे की भेट चढ़ गया. आज पक्ष-विपक्ष के बीच हुए जबरदस्त हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही अनश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. 5 दिन चलने वाला विधानसभा 3 दिन में ही खत्म हो गया. आज सदन सियासी अखाड़ा बन गया, जहां कई मुद्दों पर बीजेपी और कांग्रेस के विधायक आमने-सामने आ गए, जिसके चलते 45 मिनिट के भीतर सत्ता पक्ष ने साढ़े 9 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट और 11 विधेयक बिना चर्चा के पास कराए. इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. 

कपड़ा फाड़ सियासत 
खास बात यह है कि इस दौरान सदन में कपड़ा फाड़ सियासत भी देखने को मिली. कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेडा के सदन में कपड़े फटे पहने नजर आए कांग्रेस विधायक ने बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा के लोगों पर कपड़ा फाड़ने के आरोप लगाए. सदन जब शुरू हो रहा था तो पांचीलाल कपड़े पहनकर पहुंचे थे लेकिन सदन के अंदर उनके कपड़े फटे नजर आए. जिसके बाद कांग्रेस विधायक ने सरकार पर जमकर निशाना साधा. वही इस पूरे मामले में बीजेपी विधायक ने भी पलटवार किया. 

कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा के आरोप पर बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि पूरी विधानसभा में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं चेक करवा ले. पंची लाल झूठ बोल रहे हैं सदन की गरिमा को तार-तार कर रहे हैं, खुद कपड़े फाड़ रहे हैं और आरोप हम पर लगा रहे हैं. कांग्रेस झूठ बोल रही है जनता को गुमराह कर रही है. बता दें कि इस मुद्दे पर भी जमकर हंगामा देखने को मिला. 

सदन की शुरुआत से हुआ हंगामा
बता दें कि गुरूवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हुआ. नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने पोषण आहार गड़बडी मामले में चर्चा कराए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि सदन में चर्चा के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया था, इसलिए विपक्ष को बोलने का मौका दिया जाना चाहिए. इस पर संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अध्यक्ष ने चर्चा कराए जाने का कोई आश्वासन नहीं दिया था. मिश्रा ने कहा कि मामले का पटाक्षेप हो चुका है. 

विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि मामले पर मुख्यमंत्री अपना बयान दे चुके हैं. मैंने कहा था कि मैं सीएम के बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष और विधायकों को बोलने का मौका दूंगा, लेकिन हंगामा ही होता रहा. अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि प्रश्नकाल होने दीजिए इसके बाद कमरे में बैठकर चर्चा कर लेंगे, लेकिन विपक्ष इसके लिए तैयार नहीं हुआ. जब सदन में हंगामा नहीं रूका तो पहले 10 मिनिट और फिर सदन का कार्यवाही प्रश्नकाल तक के लिए स्थगित कर दी गई. 

दोबारा कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक गर्भगृह में पहुंच गए और एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. हंगामे के बीच सदन में 9519 करोड़ का अनुपूरक बिना चर्चा के ही पारित करा लिया गया, जबकि इसके लिए ढाई घंटे का समय निर्धारित किया गया था. इसके अलावा 11 विधेयक भी बिना चर्चा के पारित कर दिए गए. इनमें से 4 पर आज चर्चा होनी थी, जबकि 7 विधेयकों पर एक दिन बाद चर्चा होनी थी, लेकिन हंगामे के बीच सत्ता पक्ष ने सभी विधेयक बिना चर्चा के ही पास करा लिए. बता दें कि यह कोई पहला मोका नहीं है, जब विधानसभा की कार्यवाही इस तरह तय समय से पहले ही पूरी हो गई हो. इससे पहले भी सदन समय से पहले ही स्थगित हो चुका है.

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