Karnal News: करनाल में ट्यूबवेल लोड बढ़ाने के बदले में रिश्वत मांगने वाला ALM गिरफ्तार
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Karnal News: करनाल में ट्यूबवेल लोड बढ़ाने के बदले में रिश्वत मांगने वाला ALM गिरफ्तार

Karnal News: एंंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक असिस्टेंट लाइनमैन को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. ALM ने किसान से ट्यूबवेल का लोड बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगी थी. 

Karnal News: करनाल में ट्यूबवेल लोड बढ़ाने के बदले में रिश्वत मांगने वाला ALM गिरफ्तार

Karnal News: हरियाणा में एक तरफ सरकार किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन देने और लोड बढ़वाने में राहत देने के लिए तरह-तरह की योजनाएं ला रही है. वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग के कुछ भ्रष्ट कर्मचारी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर अपनी जेबे भरने में लगे हुए हैं. ऐसा ही एक मामला करनाल जिले के बड़ा गांव से सामने आया है. जहां एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक असिस्टेंट लाइनमैन (contractual ALM) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. 

यह मामला उस समय उजागर हुआ जब शाहरपुर गांव के एक किसान ने एएलएम सचिन की शिकायत एसीबी से की. सचिन ने किसान से ट्यूबवेल का लोड बढ़ाने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. किसान ने जब यह बात एसीबी को बताई तो एसीबी इंस्पेक्टर तेजपाल की अगुवाई में टीम ने तुरंत जाल बिछाने की योजना बनाई. योजना के तहत शिकायतकर्ता पैसे लेकर सचिन के पास पहुंचा और जैसे ही उसने 10 हजार रुपये सचिन को दिए, एसीबी की टीम ने सचिन को रंगे हाथ पकड़ लिया.

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पुलिस ने आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 7 पीसी एक्ट 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इंस्पेक्टर तेजपाल ने बताया कि सचिन से गहनता से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि उसने और किस-किस से रिश्वत ली है. पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह रिश्वतखोरी का सिलसिला पहले से चल रहा था या यह पहली बार था.

यह घटना दिखाती है कि एक ओर जहां सरकार किसानों के हित में काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ भ्रष्ट कर्मचारी सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने में लगे हुए हैं. सरकार ने  ट्यूबवेल कनेक्शन का लोड बढ़ाने में राहत दी है, लेकिन बिजली कर्मचारियों ने अपनी जेबें भरने का नया तरीका ढूंढ लिया. किसानों को ऐसे कर्मचारियों से बचकर रहना होगा और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की तुरंत शिकायत करनी होगी ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके.

अब सवाल यह भी है कि क्या सचिन अकेले ही इस भ्रष्टाचार में लिप्त था या फिर वह किसी बड़े रैकेट का हिस्सा है. पुलिस ने बताया कि सचिन से पूछताछ के बाद और भी खुलासे हो सकते हैं. एसीबी की टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि बिजली महकमे में फैले भ्रष्टाचार की जड़ों तक पहुंचा जा सके.

Input- Kamarjeet singh

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