Haryana News: रेवाड़ी की सड़कें खस्ता हाल, लोग तो दूर पार्षद भी लाचार, अब तो सुनो सरकार
Advertisement
trendingNow0/india/delhi-ncr-haryana/delhiharyana2214021

Haryana News: रेवाड़ी की सड़कें खस्ता हाल, लोग तो दूर पार्षद भी लाचार, अब तो सुनो सरकार

Delhi News: रेवाड़ी की लाइफ लाइन कही जाने वाले सर्कुलर रोड पर हालत इस कदर है कि कई बार तो ई रिक्शा भी पलट जाती है. दो-पहिया वाहन चालक भी इस से अछूत नहीं हैं. कई बार वाहन चालक भी इन गढ़ों में गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं.

Haryana News: रेवाड़ी की सड़कें खस्ता हाल, लोग तो दूर पार्षद भी लाचार, अब तो सुनो सरकार

Haryana News: रेवाड़ी में सड़कों की जर्जर हालत लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुकी है. रेवाड़ी की जनता का का इससे हाल बेहाल है. रेवाड़ी की जनता खुद बोल रही है कि रेवाड़ी में सड़कों के अंदर गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढे के अंदर सड़क है. सड़कों की इन हालत से आम जनता ही नहीं बल्कि पार्षद भी परेशान नजर आ रहे हैं.  मुख्य सड़कों से लेकर आम रास्ते दुर्दशा का शिकार हो चुके हैं.

रेवाड़ी की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़क की हालत खस्ता
रेवाड़ी की लाइफ लाइन कही जाने वाले सर्कुलर रोड पर हालत इस कदर है कि कई बार तो ई रिक्शा भी पलट जाती है. दो-पहिया वाहन चालक भी इस से अछूत नहीं हैं. कई बार वाहन चालक भी इन गढ़ों में गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं. रेवाड़ी की लाइफ-लाइन कहे जाने वाला सर्कुलर रोड की हालत बद से बदतर है ही, लेकिन खुद प्रशासन की नाक के नीचे यानी नगर परिषद के कार्यालय के बाहर की सड़क की हालत भी इतनी खराब है कि वहां से निकलना भी मुश्किल हो जाता है, लेकिन अधिकारियों का इसकी ओर कोई ध्यान नहीं है. वहीं, शहर की पॉश एरिया कहलाई जाने वाली ब्रास मार्केट का भी यही हाल है, जहां सैकड़ों की संख्या में कोचिंग सेंटर और बड़े ब्रांडेड शोरूम भी हैं.

ये भी पढ़ें: अंबाला में सरपंच और उसके बेटे पर फायरिंग, पांच दिन बाद है शादी

नहीं मिल रहा है समाधान
शहर के मुख्य बाजार गोकल गेट से लेकर घंटेश्वर मंदिर मोती चौक तक सड़कों की यही दुर्दशा है. इतना ही नहीं शहर से गांव को जोड़ने वाली कुछ मुख्य सड़कें भी जर्जर हालत का शिकार हो चुकी है, जिसमे इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय जाने वाली सड़क भी शामिल है, जिस मार्ग से हजारों की संख्या में विद्यार्थियों का आवागमन होता है. आम जनता तो इस से परेशान है ही पर मौजूदा पार्षद भी इसकी शिकायत करते हुए थक गए हैं, लेकिन समाधान के नाम पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा है.

INPUT- Naveen

Trending news