विजिलेंस का डर दिखाकर अधिकारियों से पैसे ऐंठने वाला आरोपी गिरफ्तार, नगरपालिका चीका का पूर्व पार्षद है आरोपी
topStories0hindi1477475

विजिलेंस का डर दिखाकर अधिकारियों से पैसे ऐंठने वाला आरोपी गिरफ्तार, नगरपालिका चीका का पूर्व पार्षद है आरोपी

कैथल जिले के चीका कस्बे में पुलिस ने विजिलेंस का डर दिखाकर अधिकारियों को ऐंठने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. खास बात यह है कि आरोपी चांद राम को कुछ समय पहले ही विजिलेंस के डीआईजी द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया था.

 विजिलेंस का डर दिखाकर अधिकारियों से पैसे ऐंठने वाला आरोपी गिरफ्तार, नगरपालिका चीका का पूर्व पार्षद है आरोपी

विपिन शर्मा/ नई दिल्ली: कैथल जिले के चीका कस्बे में पुलिस ने विजिलेंस का डर दिखाकर अधिकारियों को ऐंठने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. खास बात यह है कि आरोपी चांद राम को कुछ समय पहले ही विजिलेंस के डीआईजी द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया था. कुछ महीने पहले आरोपी ने चीका के पूर्व एसएचओ को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार करवाया था. वहीं अब नगरपालिका के सचिव की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है.

दरअसल 5 दिसंबर को नगर पालिका चीका के सचिव धर्मवीर सिंह ने आरोपी चांदराम के खिलाफ चीका थाने में एक शिकायत दी थी. जिसमें आरोपी चांदराम ने नगरपालिका कार्यालय में उसके बेटे को नौकरी लगवाने और विजिलेंस की धमकी देकर उससे दो लाख रुपये मांगने के आरोप लगाए थे.

पुलिस को दी गई शिकायत में सचिव धर्मबीर ने बताया था की दो दिसंबर को उसके कार्यालय में नगरपालिका चीका का पूर्व पार्षद चांद राम आया. उसने कार्यालय में आते ही कहा कि उसे रंगे हाथ गिरफ्तार करवाने के लिए पार्षद तरसेम ने उसे पांच लाख रुपये का ऑफर किया हुआ है. जिसमें से तरसेम ने दो लाख रुपये पहले दे रखे हैं, लेकिन उसने अभी तक सचिव के हाथ लाल नहीं करवाए हैं. अब तरसेम सिंह सचिव की गिरफ्तार नहीं होने के चलते उसके पैसे ब्याज सहित वापस मांग रहा है. इसके बाद आरोपी चांद राम ने धमकी दी कि उसके कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर मामराज से उसने क्लर्क की नौकरी पक्की करवाने के लिए दो लाख रुपये लिए थे, लेकिन वह उसे पक्का नहीं करवा पाया और क्लर्क ने उसके ऊपर मामला दर्ज करवा रखा है. जिसका केस गुहला कोर्ट में चल रहा है और उसमे में सात दिसंबर को पेशी लगी थी, जिसमे में उसको सजा हो सकती है.

ये भी पढ़ें: सुपारी लेकर मर्डर करने आए थे 4 गैंगस्टर, आपसी झगड़े में अपने 1 साथी को ही मारा डाला

शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने मांग की है कि वह दो लाख रुपये उसके क्लर्क को दे दे. साथ ही आरोपी के छोटे बेटे को नगरपालिका में नौकरी पर लगवा दे. अगर उसने जल्द ही ऐसा नहीं किया तो वह उसके विजिलेंस से लाल हाथ करवा देगा. आरोपी ने बताया की उसके विजिलेंस से उसके अच्छे संबंध है. इसके बाद आरोपी ने धमकी दी कि उसने चीका के एसएचओ जयवीर शर्मा को भी केवल हाथ मिलाकर लाल हाथ करवा दिए थे और आपके कार्यालय के दरवाजे का हैंडल, कुर्सी के हैंडल व किसी पत्र पर पाउडर लगाकर लाल हाथ करवा देगा.

 इस संबंध में सचिव की शिकायत पर चिका थाने में आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 389 के तहत मामला दर्ज किया गया. आरोपी कल गिरफ्तार कर आज कोर्ट में पेश किया गया और मामले से संबंधित पूछताछ के लिए 3 दिन का रिमांड में लिया गया है.

इस मामले के बाद शहर में चर्चा चल रही है कि आरोपी चांदराम द्वारा जिस पूर्व एसएचओ जयवीर को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार करवाया था क्या वह मामला भी कोई सोची समझी साजिश तो नहीं थी. क्योंकि उस मामले में विजिलेंस द्वारा एसएचओ से कोई भी पैसों की बरामद नहीं हुई थी और जो आरोपी पर आरोप लगे हैं कि वह हाथ पर रंग लगाकर किसी भी अधिकारी के हाथ लाल कर सकता है तो क्या वह बात सच है. फिलहाल इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो पुलिस की जांच में निकल कर सामने आ ही जाएगा परंतु खुद दूसरों को रिश्वत के आरोप में फंसाने वाला आरोपी आज खुद अपने ही जाल में फस गया है. 

Trending news