Union Budget: नालंदा विवि का होगा कायाकल्प, वाइस चांसलर ने केंद्रीय बजट की घोषणा पर जताई खुशी
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Union Budget: नालंदा विवि का होगा कायाकल्प, वाइस चांसलर ने केंद्रीय बजट की घोषणा पर जताई खुशी

Union Budget 2024: केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते मंगलवार को पहला पूर्ण बजट पेश किया. इस बजट में निर्मला सीतारमण ने बिहार के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं. 

Union Budget: नालंदा विवि का होगा कायाकल्प, वाइस चांसलर ने केंद्रीय बजट की घोषणा पर जताई खुशी

नालंदा, 25 जुलाई केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते मंगलवार को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश किया. इस बजट में बिहार के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं, जिनमें नालंदा विश्वविद्यालय के लिए विशेष पैकेज भी शामिल है.

नालंदा विश्वविद्यालय के लिए मिला विशेष पैकेज 
केंद्रीय बजट पर नालंदा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने खुशी जताई. वाइस चांसलर अभय कुमार सिंह ने कहा, “हमारे लिए ये काफी खुशी की बात है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नालंदा विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए यहां के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की. इस पैकेज से नालंदा विश्वविद्यालय का विकास और भी तेजी के साथ हो पाएगा. यह नालंदा के विकास के लिए एक बहुत बड़ी घोषणा है.” उन्होंने पीएम मोदी के नालंदा विश्वविद्यालय के दौरे का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, “एक महीने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के नए भवन का उद्घाटन किया था. उन्होंने कहा था कि नालंदा के लिए स्वर्णिम युग की शुरुआत हो रही है. तभी से हम इस बात से अवगत थे कि नालंदा के लिए जो भी होगा, अच्छा ही होगा.”

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नालंदा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने खुशी जताई
वाइस चांसलर ने केंद्रीय बजट की तारीफ की और कहा, “इस बजट सत्र में नालंदा के चौमुखी विकास की बात कही गई है. साथ ही कई अन्य योजनाओं को शुरू करने का भी ऐलान किया गया, जो नालंदा के लिए एक लाभकारी फैसला साबित होगा.”उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि नालंदा को अपने लक्ष्यों को हासिल करने में जरूर कामयाबी मिलेगी. हमारे पास इस समय संसाधनों की कमी नहीं है। लेकिन, इनका सही इस्तेमाल होना जरूरी है. 

उन्होंने यह भी कहा, “नालंदा विश्वविद्यालय के पुनर्जीवन से प्राचीन शिक्षा को फिर से बढ़ावा मिलेगा. वर्तमान समय में, यहां लगभग 26-27 देशों के छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिसमें अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और एशिया के देश के विद्यार्थी शामिल हैं.”

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इनपुट-आईएएनएस

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