Uttarakhand Election 2022: कौन हैं मोहन सिंह बिष्ट, जिन्होंने लालकुआं में हरीश रावत को दी पटखनी

Uttarakhand Election Result 2022: उत्तराखंड की वीआईपी सीट लालकुआं से कांग्रेस के प्रचार अभियान के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत करीब 14 हजार वोट से चुनाव हार गए. हरीश रावत लालकुआं सीट पर दूसरे नंबर पर रहे, जबकि बीजेपी प्रत्याशी मोहन सिंह बिष्ट ने यहां से जीत हासिल की. जानिए कौन हैं मोहन सिंह बिष्टः 

Written by - Lalit Mohan Belwal | Last Updated : Mar 10, 2022, 02:23 PM IST
  • लालकुआं सीट से बीजेपी प्रत्याशी जीते
  • चुनाव में हरीश रावत की करारी हार

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Uttarakhand Election 2022: कौन हैं मोहन सिंह बिष्ट, जिन्होंने लालकुआं में हरीश रावत को दी पटखनी

नई दिल्लीः Uttarakhand Election Result 2022: उत्तराखंड की वीआईपी सीट लालकुआं से कांग्रेस के प्रचार अभियान के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत करीब 14 हजार वोट से चुनाव हार गए. हरीश रावत लालकुआं सीट पर दूसरे नंबर पर रहे, जबकि बीजेपी प्रत्याशी मोहन सिंह बिष्ट ने यहां से जीत हासिल की. जानिए कौन हैं मोहन सिंह बिष्टः 

2019 में बीजेपी प्रत्याशी और अपने भाई को हराया था
भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी मोहन सिंह बिष्ट लालकुआं विधासभा सीट के हल्दूचौड़ क्षेत्र के रहने वाले हैं. उन्होंने साल 2019 में निर्दलीय के तौर पर हरिपुर बच्ची जिला पंचायत क्षेत्र से चुनाव जीता था. यह चुनाव मोहन सिंह बिष्ट ने अपने बड़े भाई और बीजेपी प्रत्याशी इंदर सिंह बिष्ट के खिलाफ लड़ा था.

बीजेपी ने किया था निष्कासित
दरअसल, 2019 के पंचायत चुनाव के दौरान बीजेपी ने मोहन सिंह बिष्ट की जगह उनके भाई इंदर सिंह को जिला पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया था. इस पर मोहन बिष्ट ने बगावत कर दी थी और वह निर्दलीय मैदान में उतरे और जीत हासिल की थी. 

तब भारतीय जनता पार्टी ने मोहन बिष्ट पर पार्टी विरोधी काम करने के लिए कार्रवाई की थी और उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था. 

टिकट बंटवारे से पहले धामी ने बीजेपी में कराई थी वापसी
उत्तराखंड में टिकट बंटवारे से ठीक पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें बीजेपी ज्वॉइन कराई. तभी अटकलें लगने लगी थीं कि मोहन बिष्ट को टिकट मिलेगा. अटकलें सही साबित हुईं और बीजेपी ने मौजूदा विधायक नवीन दुम्का का टिकट काटकर मोहन बिष्ट को लालकुआं सीट से प्रत्याशी बनाया.   

छात्र जीवन से राजनीति में हैं सक्रिय
मोहन सिंह बिष्ट के राजनीतिक जीवन की बात करें तो उन्होंने नैनीताल के डीएसबी कॉलेज से छात्र संघ का चुनाव जीता था. छात्र जीवन से राजनीति की शुरुआत करने वाले मोहन सिंह बिष्ट इसके बाद उत्तराखंड कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (UCDF) के चेयरमैन रहे. 

लोगों के सुख-दुख में होते हैं शामिल
मोहन सिंह बिष्ट को जमीन से जुड़ा नेता माना जाता है. उनकी खासियत यह है कि वह आसानी से सभी के लिए उपलब्ध रहते हैं. यही नहीं वह जनसंपर्क के जरिए लगातार सक्रिय रहते हैं. वह अपने क्षेत्र के लोगों के हर सुख-दुख में शामिल होते हैं. यही वजह है कि जनता से उनकी निकटता अधिक रहती है.

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