गंगोत्री सीट का वह मिथक, जो 60 सालों से है बरकरार... प्रदेश में बन रही BJP की सरकार
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गंगोत्री सीट का वह मिथक, जो 60 सालों से है बरकरार... प्रदेश में बन रही BJP की सरकार

Myth of Gangotri Vidhan Sabha Seat: गंगोत्री विधानसभा के मिथक को हम करिश्मा कहें या मां गंगा का आशीर्वाद कि जिस भी पार्टी का प्रत्याशी यहां से चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचता है, प्रदेश में उसी पार्टी की सरकार बनती है. यह मिथक 1952 से चला आ रहा है. एक नजर डालते हैं मिथक के इतिहास पर...

गंगोत्री सीट का वह मिथक, जो 60 सालों से है बरकरार... प्रदेश में बन रही BJP की सरकार

हेमकान्त नौटियाल/उत्तरकाशी: उत्तरकाशी की गंगोत्री विधानसभा का मिथक विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे आने के बाद भी बरकरार रहा है. यह मिथक सन् 1952 से चला आ रहा है, जब उत्तराखंड राज्य उत्तर प्रदेश का हिस्सा हुआ करता था. तब गंगोत्री विधानसभा सीट उत्तरकाशी विधानसभा के नाम से जानी जाती थी. अब 2022 के चुनाव में गंगोत्री से भाजपा प्रत्याशी सुरेश चौहान के चुनाव जीतने पर मिथक बरकरार रहा है और इस बार भी प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने जा रही है.

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गंगोत्री विधानसभा के मिथक को हम करिश्मा कहें या मां गंगा का आशीर्वाद कि जिस भी पार्टी का प्रत्याशी यहां से चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचता है, प्रदेश में उसी पार्टी की सरकार बनती है. यह मिथक 1952 से चला आ रहा है. एक नजर डालते हैं मिथक के इतिहास पर...

1952 से चला आ रहा मिथक
1952 में देश में जब पहले आम चुनाव हुए थे, तो उत्तरकाशी सीट से जयेंद्र सिंह बिष्ट निर्दलीय चुनाव जीते और कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए. उस समय उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी. फिर, 1957 में चुनाव हुए, जयेंद्र सिंह बिष्ट निर्विरोध विधायक बने और फिर यूपी में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी. इस बीच जयेंद्र सिंह बिष्ट का निधन हो गया. उत्तरकाशी सीट पर कांग्रेस पार्टी के रामचंद्र उनियाल विधायक बने. 

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1960-69 तक भी जीते हुए प्रत्याशी की पार्टी ने बनाई सरकार
1960 में टिहरी जनपद से अलग होकर उत्तरकाशी जनपद अस्तित्व में आया. 1962 के चुनाव में कांग्रेस के ठाकुर किशन सिंह जीते और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी. फिर, ठाकुर किशन सिंह 1967 और 1969 में भी चुनाव जीते और कांग्रेस की सरकार बनी. 

1974-1996 तक भी यही रहा रिकॉर्ड
1974 में कांग्रेस के बलदेव सिंह आर्य, 1977 में जनता पार्टी के बर्फियलाल जुवांठा, 1991 में भाजपा के ज्ञानचंद, 1993 में समाजवादी पार्टी के बर्फियलाल जुवांठा, 1996 में भाजपा के ज्ञानचंद जीते और उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टियों की ही सरकार बनी. 

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नए राज्य के गठन के बाद भी मिथक बरकरार
नए राज्य के तौर पर उत्तराखंड का गठन 29 नवंबर सन् 2000 में हुआ. पहली बार 2002 में उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव हुए. अब इस सीट का नाम गंगोत्री विधानसभा सीट हुआ. 2002 में कांग्रेस पार्टी के विजयपाल सजवाण चुनाव जीते और प्रदेश में कांग्रेस आई. 2007 में भाजपा प्रत्याशी गोपाल सिंह रावत चुनाव जीते और प्रदेश में बीजेपी आई. 2012 में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत हुई तो राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी. वहीं, 2017 में भी बीजेपी प्रत्याशी की ही यहां जीत हुई. इस बार भी बीजेपी के सुरेश चौहान यहां से चुनाव जीते और फिर 2022 में बीजेपी की जीत हुई. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि गंगोत्री विधानसभा का मिथक अभी भी बरकरार है.

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