जोत सिंह बिष्ट को AAP में वह मिला जो कांग्रेस में नहीं था, इस बात से नाराज थे वरिष्ठ नेता
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जोत सिंह बिष्ट को AAP में वह मिला जो कांग्रेस में नहीं था, इस बात से नाराज थे वरिष्ठ नेता

जोत सिंह बिष्ट ने बताया कि कांग्रेस पार्टी छोड़ना उनके लिए बहुत मुश्किल था, क्योंकि 40 साल से लगातार वह कांग्रेस की सेवा कर रहे थे. लेकिन, कांग्रेस लगातार गुटबाजी का शिकार होती जा रही है. हालांकि, बीते दिन ही कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा था कि जोत सिंह बिष्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और कांग्रेस को उनकी बहुत जरूरत है...

जोत सिंह बिष्ट को AAP में वह मिला जो कांग्रेस में नहीं था, इस बात से नाराज थे वरिष्ठ नेता

देहरादून: उत्तराखंड में कांग्रेस का दामन छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल होने वाले जोत सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस अलग-अलग गुटों में बंटी हुई है. रोज एक नया गुट सामने आ जाता है. सभी लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए काम कर रहे हैं. बिष्ट का कहना है कि इसी से अजीज आ करके उन्होंने पार्टी छोड़ दी. 

कांग्रेस को बिष्ट की जरूरत थी?
जोत सिंह बिष्ट ने बताया कि कांग्रेस पार्टी छोड़ना उनके लिए बहुत मुश्किल था, क्योंकि 40 साल से लगातार वह कांग्रेस की सेवा कर रहे थे. लेकिन, कांग्रेस लगातार गुटबाजी का शिकार होती जा रही है. हालांकि, बीते दिन ही कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा था कि जोत सिंह बिष्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और कांग्रेस को उनकी बहुत जरूरत है. दसौनी का कहना था कि पार्टी बिष्ट की नाराजगी दूर करने की कोशिश करेगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका.

कांग्रेस के लिए माना जा रहा बड़ा झटका
बिष्ट का इस्तीफा देना सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है. जाहिर है कि बिष्ट का इस्तीफा उत्तराखंड कांग्रेस के लिए बहुत बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है. वह हरीश रावत के करीबी भी माने जाते हैं और कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे हैं. 

उपचुनाव के बीच कांग्रेस के लिए मुसीबत
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भी बिष्ट चर्चा में आए थे. उस समय उन्होंने कांग्रेस के ही कुछ नेताओं पर भीतरघात करने का आरोप लगाया था. वहीं, कांग्रेस के लिए एक मुश्किल यह है कि उत्तराखंड में चंपावत उपचुनाव है. इस दौरान बिष्ट का साथ छोड़ना पार्टी के लिए अच्छा नहीं है.

नाराजगी की एक और वजह आई थी सामने
बिष्ट की कांग्रेस से नाराजगी की एक और वजह सामने आई थी. दरअसल, इस्तीफा देने के दौरान जोत सिंह बिष्ट का कहना था कि विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने पार्टी नेतृत्व को आगाह किया था कि कुछ कांग्रेस नेता खुलेआम बीजेपी प्रत्याशियों का समर्थन कर रहे हैं. वह बीजेपी उम्मीदवार का प्रचार करते रहे और पैसे भी बांटे. लेकिन, नेतृत्व की तरफ से इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई.

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