नियति ने रामजन्मभूमि आंदोलन में दायित्‍व प्रदान किया, सपना हो रहा पूरा: आडवाणी
topStories1hindi723316

नियति ने रामजन्मभूमि आंदोलन में दायित्‍व प्रदान किया, सपना हो रहा पूरा: आडवाणी

शिलान्यास से ठीक एक दिन पहले वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 1990 में रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान सोमनाथ से अयोध्या तक की ‘राम रथ यात्रा’ में अपनी भूमिका का स्मरण करते हुए कहा कि यह उनके और सभी भारतीयों के लिए ‘ऐतिहासिक और भावपूर्ण’ दिन है.

नियति ने रामजन्मभूमि आंदोलन में दायित्‍व प्रदान किया, सपना हो रहा पूरा: आडवाणी

नई दिल्ली: अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) के भूमि पूजन (Bhumi Pujan) में अब चंद घंटों का ही समय बचा है. देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया उस घड़ी का इंतजार कर रही है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने हाथों से राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे. इस बीच भूमि पूजन को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे लालकृष्ण आडवाणी (LK Advani) ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है. 

शिलान्यास से ठीक एक दिन पहले वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 1990 में रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान सोमनाथ से अयोध्या तक की ‘राम रथ यात्रा’ में अपनी भूमिका का स्मरण करते हुए कहा कि यह उनके और सभी भारतीयों के लिए ‘ऐतिहासिक और भावपूर्ण’ दिन है.

पूर्व उप प्रधानमंत्री ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि उनका मानना है कि राम मंदिर एक शांतिपूर्ण सौहार्दपूर्ण राष्ट्र के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा जहां सबके लिए न्याय होगा और कोई भी बहिष्कृत नहीं होगा, ताकि देश ‘राम राज्य’ की ओर अग्रसर हो, जो ‘सुशासन का प्रतिमान’ है.

LIVE TV

आडवाणी को रामजन्मभूमि आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है. भाजपा अध्यक्ष के रूप में राम मंदिर निर्माण के लिए जनता को लामबंद करने के मकसद से आडवाणी ने साल 1990 में ‘राम रथ यात्रा’ निकाली थी.

ये भी पढ़ें- आडवाणी, जोशी, कल्याण सिंह और परासरन क्यों नहीं आ रहे अयोध्या? चंपत राय ने बताई वजह

उन्होंने कहा, ‘मैं विनम्रता का अनुभव करता हूं कि नियति ने मुझे वर्ष 1990 में रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा का दायित्व प्रदान किया और इस यात्रा ने असंख्य लोगों की आकांक्षा, उर्जा और अभिलाषा को प्रेरित किया.’

उन्होंने कहा, ‘श्री राम का स्थान भारतीय संस्कृति और सभ्यता की धरोहर में सर्वोच्च है और वे विनीत, मर्यादा और शिष्टाचार के मूर्तरूप हैं. मेरा मानना है कि यह मंदिर सभी भारतीयों को भगवान राम के गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगा.’

उल्लेखनीय है कि 92 वर्षीय आडवाणी को कोरोना महामारी के मद्देनजर उनकी उम्र को देखते हुए शिलान्यास समारोह के लिए आमंत्रित सदस्यों की सूची में नहीं रखा गया है.

अब जबकि उनकी यात्रा के तीन दशक के बाद राम मंदिर निर्माण का कार्य आरंभ होने जा रहा है, आडवाणी ने कहा कि जीवन के कुछ सपने पूरा होने में बहुत समय लेते हैं, लेकिन जब वो चरितार्थ होते हैं तो लगता है कि प्रतीक्षा सार्थक हुई.

उन्होंने कहा, ‘ऐसा ही एक सपना जो मेरे हृदय के बहुत पास है अब पूरा हो रहा है. राम जन्मभूमि पर श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण भारतीय जनता पार्टी का सपना रहा है और मिशन भी.’

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वे सभी संतों, नेताओं और देश-विदेश के जनमानस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान और बलिदान दिया.

उन्होंने कहा, ‘मुझे इस बात की भी खुशी है कि नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्णय के स्वरूप राम मंदिर का निर्माण बहुत शांतिपूर्ण वातावरण में शुरू हो रहा है. यह भारतीयों के परस्पर संबंधों को मजबूत करने में बहुत सहायक होगा.’

ये भी देखें-

 

Trending news