गोवा: बहुमत नहीं मिला तो इस पार्टी से गठबंधन करेगी BJP, सीएम ने किया ऐलान!
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गोवा: बहुमत नहीं मिला तो इस पार्टी से गठबंधन करेगी BJP, सीएम ने किया ऐलान!

Goa Assembly Election 2022 Result: अधिकतर एग्जिट पोल में अनुमान जताया गया है कि गोवा में बीजेपी को बहुमत नहीं मिला रहा है और इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत का गठबंधन को लेकर बड़ा बयान सामने आया है.

गोवा: बहुमत नहीं मिला तो इस पार्टी से गठबंधन करेगी BJP, सीएम ने किया ऐलान!

पणजी: गोवा विधान सभा चुनाव के नतीजों (Goa Assembly Election Result) की घोषणा से दो दिन पहले मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (Pramod Sawant) ने आज (मंगलवार को) कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार बनाने के लिए बहुमत के आंकड़े से दूर रहती है तो महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (MGP) से समर्थन मांगने के लिए पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व पहले ही बातचीत कर रहा है. बता दें कि गोवा में 40 सदस्यीय विधान सभा के लिए मतदान 14 फरवरी को हुआ था और नतीजों की घोषणा 10 मार्च को होगी.

बहुमत नहीं मिलने के बाद का 'प्लान' है तैयार

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि बीजेपी को उम्मीद है कि उसे बहुमत के आंकड़े 21 सीटों से अधिक सीटें मिलेगी लेकिन अगर संख्याबल कम रहता है तो ‘पार्टी ने निर्दलीयों और एमजीपी से समर्थन मांगने का विकल्प भी खुला रखा है.’ उन्होंने कहा कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व चुनाव के बाद गठबंधन के लिए एमजीपी से बातचीत कर रहा है.

पिछली बार भी BJP ने बनाई थी अल्पमत की सरकार

2017 के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन 13 सीटें जीतने वाली बीजेपी ने फौरन दीपक धावलिकर के नेतृत्व वाली एमजीपी, गोवा फॉरवर्ड पार्टी और निर्दलीयों से गठबंधन करके मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में सरकार बना ली थी.

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जब MGP के विधायकों का छीना गया मंत्री पद

बता दें कि मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद 2019 में जब प्रमोद सावंत मुख्यमंत्री बने तो मंत्रिमंडल से एमजीपी के दो मंत्रियों को हटा दिया गया. इस बार एमजीपी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के साथ मिलकर विधान सभा चुनाव लड़ा है.

हालांकि इससे पहले एमजीपी के विधायक सुदिन धावलिकर कह चुके हैं कि उनकी पार्टी टीएमसी को विश्वास में लेकर गोवा चुनाव के नतीजों के बाद अपने रुख पर फैसला लेगी लेकिन कभी प्रमोद सावंत को मुख्यमंत्री के तौर पर ‘समर्थन नहीं’ देगी.

धावलिकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रमोद सावंत ने कहा, ‘अगर कोई भी पार्टी हमें समर्थन देती है तो वो हमारे नेतृत्व पर निर्णय नहीं ले सकती. एमजीपी को सरकार से इसलिए हटाया गया क्योंकि उसने 2019 में उपचुनाव में हमारे आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ा था.’

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सीएम प्रमोद सावंत ने ये भी कहा कि उनके धावलिकर बंधुओं से कोई निजी मतभेद नहीं हैं. मतभेद राजनीतिक थे. ये पूछने पर कि अगर बीजेपी सत्ता में लौटती है तो क्या वो अगले मुख्यमंत्री होंगे, इस पर सावंत ने कहा, ‘चुनाव मेरे नेतृत्व में लड़ा गया. हमारे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक हर किसी ने कहा है और ये अक्सर दोहराया है कि बीजेपी मेरे नेतृत्व में सरकार बनाएगी.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे पूरा विश्वास है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व एक बार फिर अगली सरकार का नेतृत्व करने में मुझ पर विश्वास जताएगा.’

गौरतलब है कि गोवा विधान सभा में एग्जिट पोल के अनुमान को देखते हुए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत केंद्रीय नेतृत्व से मिलने और खंडित जनादेश की स्थिति में रणनीति पर चर्चा करने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं. सूत्रों ने कहा कि प्रमोद सावंत सोमवार रात दिल्ली पहुंचे और आज त्रिशंकु विधान सभा की संभावना पर चर्चा करने के लिए बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर रहे हैं.

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि प्रमोद सावंत और केंद्रीय नेतृत्व की चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि बीजेपी के बहुमत से कम होने की स्थिति में आधे रास्ते को पार करने के तरीके तलाशे जाएं. एग्जिट पोल जारी होने के बाद सीएम प्रमोद सावंत ने कहा, 'अगर हम 17-18 पर अटके, तो मुझे लगता है कि तीन से चार सीटें निर्दलीय जीतेंगे. निर्दलीय बहुमत वाले लोगों का समर्थन करते हैं. मुझे निर्दलीय के साथ सरकार बनाने का भरोसा है.'

(इनपुट- भाषा)

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