जिस कंपनी का सिरप पी गाम्बिया में 60 बच्चे बीमार हुए, वो कंपनी और क्या-क्या बनाती है?, साल में कितना कमाती है
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जिस कंपनी का सिरप पी गाम्बिया में 60 बच्चे बीमार हुए, वो कंपनी और क्या-क्या बनाती है?, साल में कितना कमाती है

कंपनी के खिलाफ एक्शन हो सकता है. इसके लिए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जांच के आदेश दे दिए हैं. कंपनी 3 दशक पुरानी है और करीब 25 देशों में इसका कारोबार फैला है. 

जिस कंपनी का सिरप पी गाम्बिया में 60 बच्चे बीमार हुए, वो कंपनी और क्या-क्या बनाती है?, साल में कितना कमाती है

नई दिल्ली: गाम्बिया में कफ सिरप पीने से 66 बच्चों की मौत हो गई है. यह सिरप हरियाणा की एक कंपनी बनाती है. बच्चों की मौत मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सख्त नाराजगी जाहिर की है. WHO ने बुधवार को भारत की फार्मा कंपनी मेडेन फार्मास्यूटिकल के 4 कफ-सिरप को लेकर अलर्ट जारी किया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा, जिस पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कंपनी के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. मेडेन कंपनी का एक प्लान हरियाणा के सोनीपत में है. जबकि कंपनी की एक यूनिय हिमाचल प्रदेश के बद्दी में है. हरियाणा के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री अनिल विज ने मीडिया को बताया कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की एक टीम ने दवा कंपनी से सिरप के 5 सैंपल लिए हैं.

मेडेन  कंपनी (Maiden Pharmaceuticals) 22 नवंबर 1990 में रजिस्टर्ड हुई थी. इसके चार डायरेक्टर हैं. पिछले साल 2021 नवंबर में जनरल मीटिंग हुई थी, कंपनी कागजों में एक्टिव है, लेकिन इस साल उसने अपनी बैलेंस शीट नहीं भरी है. 3 दशक में कंपनी ने खूब मुनाफा कमाया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मेडेन फार्मास्युटिकल्स एक महीने में 10 करोड़ टैबलेट और 6 करोड़ कैप्सूल बनाती है. 60 लाख लिक्विड इंजेक्शन और इतनी ही मात्रा में ड्राई पाउडर इंजेक्शन बनाती है. एक महीने में 5 करोड़ मिलियन आई ड्रॉप के साथ 10 करोड़ ओरल लिक्विड और 5 करोड़ ऑइंटमेंट यानी मलहम भी कंपनी बनाती है. कंपनी का कारोबार करोड़ों का है.

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खांसी और सर्दी की 15 से ज्यादा दवाएं
जीवन रक्षक दवाओं से लेकर एंटी-एलर्जी और एंटीबायोटिक तक, कंपनी हर श्रेणी में कई तरह के दवा उत्पाद बनाती है. खांसी और सर्दी के लिए मेडेन फार्मास्यूटिकल्स 13 से 15 दवाएं बनाती है. कंपनी वयस्कों के साथ-साथ बच्चों के लिए कैप्सूल, टैबलेट और सिरप बनाती है. एंटीबायोटिक्स कैटेगरी में कंपनी 40-50 उत्‍पाद बनाती है. यही नहीं, कंपनी एंटी-एलर्जिक और एंटिफंगल श्रेणी में भी कम से कम 15 प्रोडक्‍ट बनाती है. इनमें टैबलेट, कैप्‍सूल और मलहम शामिल हैं.

मलेरिया, हार्ट और डायबिटीज की दबाएं बनाती है कंपनी
मेडेन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी मलेरिया रोकने और दर्दनिवारक दवाएं भी बनाती है. इन दवाओं की भारत समेत दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया जैसे देशों में है, यहां मलेरिया का ज्‍यादा प्रकोप होता है. मेडेन हार्ट की बीमारी में काम आने वाली दवाओं को भी उत्पादन करती है. इस कैटेगरी में करीब 20 दवाएं कंपनी बनाती है. डायबिटीज के इलाज में शामिल दवाएं भी कंपनी बनाती है. 

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भारत समेत 25 देशों में जाती है कंपनी की दवाएं. 
मेडेन कंपनी की दवाइयां भारत सहित 25 देशों में बिकती हैं. इन देशों में कंबोडिया, नाइजीरिया, सूडान, बोत्सवाना, डोमिनिकन लीबिया, सिएरा लियोनियन, बुर्किना फासो और लाइबेरिया हैं. ईरान, इराक, तुर्की, अफगानिस्तान, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, म्यांमार, भूटान और फिलीपींस में भी कंपनी अपनी दवाएं निर्यात करती है. मेडेन कंपनी की दवाओं के ग्राहकों में वेनेजुएला, चिली, कोस्टा रिका और आइवरी कोस्ट भी शामिल हैं.

WHO को नहीं दी कोई रिपोर्ट
WHO ने कहा कि ये चारों सिरप हरियाणा की मेडेन फार्मास्यूटिकल कंपनी बनाती है. सवालों में घिरे चारों कफ-सिरप के नाम प्रोमेथाजिन ओरल सॉल्यूशन, कोफेक्समालिन बेबी कफ-सिरप, मकॉफ बेबी कफ-सिरप और मैग्रीप एन कोल्ड सिरप हैं. इनके सेवन से ही 66 बच्चे बीमार हुए हैं. खबर फैलते ही कंपनी ने अपनी वेबसाइट बंद कर दी है. इतना ही नहीं कंपनी ने WHO को इन सिरप के लिए सुरक्षा और क्वालिटी की गारंटी नहीं दी है.

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